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कैथल: राशन गबन के आरोप में डिपो होल्डर पर एफआईआर के आदेश

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कैथल: राशन गबन के आरोप में डिपो होल्डर पर एफआईआर के आदेश


कैथल: राशन गबन के आरोप में डिपो होल्डर पर एफआईआर के आदेश


कैथल, 29 जुलाई (हि.स.)। हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण, पशुपालन एवं डेयरी तथा मत्स्य पालन मंत्री श्याम सिंह राणा ने बुधवार को जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में अधिकारियों की कार्यशैली पर नजर रखते हुए कई अहम मामलों में सख्त रुख अपनाया। आरकेएसडी कॉलेज सभागार में आयोजित बैठक में उन्होंने राशन गबन के एक मामले में डिपो संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए, जबकि सेक्टर-19 पार्ट-1 में तीन दशक से ग्रीन बेल्ट विकसित न किए जाने की शिकायत की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित कर दी।

बैठक में कुल 12 शिकायतों पर सुनवाई हुई, जिनमें सात मामलों का मौके पर ही निपटारा कर दिया गया, जबकि पांच शिकायतों को जांच एवं रिपोर्ट के लिए अगली बैठक तक लंबित रखा गया। मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि आमजन की शिकायतों का समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से समाधान सुनिश्चित किया जाए।

बैठक के दौरान गांव हरिपुरा के ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि राशन डिपो संचालक ने 80 से 90 परिवारों का कई महीनों का राशन हड़प लिया। जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर मंत्री ने मामले को गंभीर मानते हुए संबंधित डिपो होल्डर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए और शिकायत का निपटारा कर दिया।

वहीं सेक्टर-19 पार्ट-1 के निवासियों ने आरोप लगाया कि एचएसवीपी ने पार्क और ग्रीन बेल्ट विकसित करने का वादा करने के बावजूद पिछले 30 वर्षों से इस दिशा में कोई काम नहीं किया। शिकायतकर्ताओं का कहना था कि प्लॉट आवंटन के समय पार्क के नाम पर उनसे अतिरिक्त राशि भी ली गई थी। एचएसवीपी ने अपने पक्ष में सेक्टर प्लान में बदलाव का हवाला दिया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मंत्री ने एडीसी डॉ. सुशील कुमार की अध्यक्षता में एचएसवीपी के ईओ और गैर-सरकारी सदस्य शक्ति सिंह सौदा को शामिल करते हुए जांच समिति गठित कर दी।

गांव मुंदड़ी के एक जानलेवा हमला मामले में शिकायतकर्ता ने आरोपियों की गिरफ्तारी न होने की शिकायत की। पुलिस ने बताया कि पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, चार के खिलाफ चालान अदालत में पेश हो चुका है और एक आरोपी के विरुद्ध लुकआउट नोटिस जारी किया गया है। जांच पूरी होने तक इस मामले को लंबित रखा गया। बैठक के अंत में मंत्री श्याम सिंह राणा ने सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनता की शिकायतों का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए ताकि लोगों को बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने कहा कि सरकार प्रत्येक शिकायत का निष्पक्ष और त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। बैठक में डीसी अपराजिता, एसपी मनप्रीत सिंह, एडीसी डॉ. सुशील कुमार, भाजपा जिलाध्यक्ष ज्योति सैनी, पूर्व जिलाध्यक्ष मनीष कठवाड़ सहित जिला कष्ट निवारण समिति के सदस्य और विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / पंकज अत्रे