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जाट आंदोलन में पूर्व वित्त मंत्री का आवास जलाने के मामले में 56 आरोपित बरी

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जाट आंदोलन में पूर्व वित्त मंत्री का आवास जलाने के मामले में 56 आरोपित बरी


चंडीगढ़, 27 फ़रवरी (हि.स.)। सीबीआई कोर्ट ने हरियाणा में हुए जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान पूर्व वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु का रोहतक आवास जलाने के मामले में फैसला सुनाते हुए 56 युवाओं को बरी कर दिया। सीबीआई कोर्ट ने शुक्रवार को यह फैसला सुनाया है। इस मामले में ज्यादातर नौजवान रोहतक व झज्जर जिले के रहने वाले थे,जिन्हें आरोपित बनाया गया था।

सीबीआई कोर्ट में दाखिल आरोप पत्र के मुताबिक, पूर्व वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु के भतीजे रोहित के बयान पर साल 2016 में केंद्रीय जांच एजेंसी ने एफआईआर दर्ज की थी। आरोप था कि जाट आरक्षण आंदोलन हिंसा के दौरान भीड़ लाठी, तलवार और पेट्रोल बम से लैस होकर दिल्ली बाइपास की तरफ से पूर्व वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु की कोठी की तरफ आई और जबरन घर में घुस गई। घर के अंदर खड़े वाहनों को आग लगा दी और कोठी का सामान लूट लिया। घर में मौजूद लोगों को मारने के इरादे से पेट्रोल बम फेंके। इससे कोठी में आग लग गई और करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ। इस मामले की पहले स्थानीय पुलिस ने जांच की। बाद में सरकार ने केस सीबीआई को सौंप दिया था। सीबीआई की तरफ से आरोप पत्र दाखिल किया जिसमें 60 लोगों को आरोपी बनाया गया। इसमें अशोक बल्हारा, राहुल दादू, मनोज दूहन, जगपाल उर्फ जग्गा, धर्मेंद्र हुड्डा व अन्य शामिल हैं। जिसमें से तीन लोगों की मौत हो चुकी है तथा एक पीओ घोषित है।

सीबीआई कोर्ट में चली सुनवाई के दौरान सीआरपीसी की धारा 164 के तहत बयान दर्ज करने वाले चार जजों के अलावा तत्कालीन रोहतक डीसी डीके बेहरा सहित तत्कालीन रोहतक एसपी व सीबीआई एसपी तक के बयान दर्ज हुए।

कैप्टन अभिमन्यू की कोठी जलाने के केस में सीबीआई ने मोहित, विजेंद्र सिंह राजेश कुमार, जोगेंद्र, समुंद्र, राहुल दादू, महेंद्र सिंह, सुदीप कलकल, जगपाल सिंह, नरेंद्र, मनोज दुहन, अभिषेक, धमेंद्र, सुमित, नसीब, योगानंद, विकास, दीपक, सुमित, प्रदीप, रविंद्र, अजय, दिलावर, प्रदीप, मोहित, कुलबीर फौगाट, हरिओम, विक्की, विरेंद्र, अमित, प्रदीप, अश्विनी, लक्ष्य, राहुल, अंकित, संदीप, जसबीर, भुवन सिंह, योगेश राठी, संदीप राठी, अरविंद गिल, बिजेंद्र सिंह, जितेंद्र राठी, राहुल हुड्डा, सुमित मलिक, विजयदीप पंघाल, गौरव हुड्डा, अशोक बल्हारा, सचिन दहिया, सत्यवान कादियान, पवन हुड्डा, गौरव बुधवार, अनिल कुमार, अजय, सोमबीर, देवेंद्र, रविंद्रकांत, भगवान, सुमित दांगी व देवेंद्र धनखड़ का नाम शामिल हैं। सीबीआई कोर्ट ने सबूतों के अभाव में उक्त सभी आरोपियों को आज बरी कर दिया।

बचाव पक्ष के वकील एस पी एस परमार और वकील जितेंद्र हुड्डा ने शुक्रवार को बताया कि पूर्व कैबिनेट मंत्री कैप्टन अभिमन्यु की कोठी जलाने में 60 लोगों को सीबीआई ने आरोपी बनाया था। जिसमें से आरोपी विजेंद्र, प्रदीप व सुमित की मौत हो चुकी है। एक आरोपी धमेंद्र हुड्डा पीओ घोषित है। इसके बाद 56 आरोपियों को बरी कर दिया गया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा