home page

हिसार कोर्ट गैंगवार में विनोद काणा को लगी थी 12 गोलियां,पांच घंटे चला पोस्टमार्टम

 | 
हिसार कोर्ट गैंगवार में विनोद काणा को लगी थी 12 गोलियां,पांच घंटे चला पोस्टमार्टम


आरोपी राकेश तीन दिन

के पुलिस रिमांड पर

कोर्ट परिसर की सुरक्षा बढ़ाई गई, कोर्ट चौकी

फिर खुलेगी

हिसार, 21 अगस्त (हि.स.)। हिसार अदालत परिसर की

पार्किंग में गुरुवार को दिनदहाड़े हुई गैंगवार में मारे गए विनोद पानू उर्फ काणा को

कुल 12 गोलियां लगी थीं। मेडिकल बोर्ड द्वारा शुक्रवार को किए गए करीब पांच घंटे लंबे

पोस्टमार्टम में सामने आया कि इनमें से दो गोलियां सिर के आरपार हो गईं, जबकि छह गोलियां

छाती से बरामद हुई हैं। पोस्टमार्टम के दौरान चिकित्सकों के बोर्ड ने शरीर से गोलियों

के अलावा अन्य चोटों की भी जांच की।

हत्याकांड के मामले में पुलिस ने आरोपी राकेश

को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से उसे तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया

है। पुलिस अब रिमांड के दौरान वारदात की वजह, हथियार, घटनाक्रम और हमले में शामिल अन्य

लोगों के बारे में पूछताछ करेगी।

पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन ने बताया कि विनोद

काणा को गोली मारने के आरोप में गिरफ्तार राकेश को अदालत में पेश कर तीन दिन के रिमांड

पर लिया गया है। एसपी के अनुसार राकेश दिल्ली में कैब चलाता है और उसके खिलाफ सात मामले

दर्ज हैं। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर वारदात से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी जुटा रही

है। एसपी ने बताया कि घटना के बाद अदालत परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया

गया है। इसके अलावा कोर्ट चौकी को दोबारा खोलने की प्रक्रिया भी की जाएगी, ताकि अदालत

परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जा सके।

अजीत पहलवान गैंग से जुड़ रहे हत्या के तार

उधर, सामने आ रही जानकारी के अनुसार विनोद काणा

की हत्या के तार अजीत पहलवान गैंग से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है। बताया जा

रहा है कि विनोद काणा और अजीत पहलवान दोनों गांव थुराना के रहने वाले थे और वर्ष

2008 से दोनों के बीच वर्चस्व को लेकर खूनी संघर्ष चला आ रहा था। बताया जाता है कि

अजीत पहलवान के एक हमले में विनोद की एक आंख चली गई थी। इसके बाद लोग उसे ‘काणा’ के नाम से पुकारने लगे। इसी घटना के बाद दोनों के बीच दुश्मनी और गहरी हो

गई तथा दोनों पक्षों के बीच गैंगवार का सिलसिला शुरू हो गया। इस लंबे गैंगवार में अब

तक कई लोगों की जान जाने की बात सामने आती रही है। हालांकि इस संबंध में पुलिस की ओर

से आधिकारिक तौर पर अभी विस्तृत पुष्टि नहीं की गई है।

सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी लेने के दावे को पुलिस

ने बताया फर्जी

जिला पुलिस ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कुछ

दावों को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की है। पुलिस के अनुसार, गुरुवार को अदालत परिसर की

पार्किंग में हुई गोलीबारी के बाद कुछ असामाजिक तत्व सोशल मीडिया पर घटना की जिम्मेदारी

लेने का दावा कर रहे हैं। पुलिस ने इन दावों को पूरी तरह झूठा और निराधार बताया है।

पुलिस ने कहा कि इस प्रकार के भ्रामक दावे सोशल मीडिया पर गैंगस्टर और गैंग कल्चर को

बढ़ावा देने के समान हैं। पुलिस ऐसे दावों को गंभीरता से ले रही है और लोगों से अपील

की है कि वे सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली अपुष्ट सूचनाओं पर विश्वास न करें और न

ही उन्हें आगे प्रसारित करें। फिलहाल पुलिस की जांच आरोपी राकेश के रिमांड और

घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों पर केंद्रित है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने

आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर