जींद : नेत्रहीन होने के बावजूद कोकिला ने पैरा एशियन गेम्स में जीता सिल्वर
जींद, 25 अक्टूबर (हि.स.)। गत दिनों जापान में हुए पैरा ओलंपिक गेम में हरियाणा के जींद के उचाना के कसूहन की बेटी कोकिला कौशिक ने सिल्वर मेडल जीता है। रविवार को गांव में पहुंचने पर ग्रामीणों द्वारा उनका भव्य स्वागत किया गया। कोकिला के स्वागत के लिए ग्रामीण खटकड़ टोल प्लाजा पर पहुंचे। जहां से उनको काफिले के साथ गांव तक ले जाया गया । इस अवसर पर कसूहन गांव के मंदिर में भंडारे का आयोजन किया गया। कोकिला ने कहा कि सिल्वर मेडल आया है, इसकी बहुत ज्यादा खुशी हो रही है। वह अपने गांव पहुंची है और जो मान-सम्मान गांव वालों ने दिया है, उसको देखकर अच्छा लग रहा है। कोकिला नेत्रहीन हैं।
पहले ब्रॉज और अब सिल्वर, अगला मेडल गोल्ड होगा
गोल्ड मेडल से चूकने पर कोकिला ने कहा कि कहीं तो कुछ कमी रही है, इसलिए गोल्ड मेडल से चूक हो गई। अगली बार जो कमी रही है, उसको सुधारुंगी। पिछली बार ब्रॉज मेडल आया था अबकी बार सिल्वर मेडल आया है। पिछली बार कुछ कमियां रह गई थी, जिनका सुधार किया और सिल्वर तक पहुंची। आगे सुधार होगा तो गोल्ड मेडल हासिल करूंगी। आगे की तैयारियों पर बोलते हुए कोकिला ने कहा कि अभी आगे पैरालंपिक में स्टेप बाय स्टेप गोल्ड मेडल की तैयारी कर रही हूं। अभी एशियाई पैरा गेम जापान में हुए हैं, जहां से सिल्वर मेडल हासिल हुआ है आगे 2028 में लॉस एंजेलिस में गोल्ड मेडल के लिए खेलूंगी।
कोकिला के पिता कृष्ण कुमार ने बताया कि पैरा एशियन गेम में पहले कोकिला ब्रॉज मेडल लेकर आई थी। अबकी बार जापान से सिल्वर मेडल लेकर आई है। कोकिला ने गांव से लेकर प्रदेश और देश का नाम रोशन किया है। इस अवसर पर हम गौरवांवित महसूस कर रहे हैं। वैसे तो वो आजाद नगर (हिसार) में रहते हैं तो पूरा आजाद नगर और पूरा कसूहन गांव में आज इस खुशी में शामिल हुआ है। इस अवसर पर गांव के मंदिर में भंडारा का आयोजन किया गया। जिसमें आशीर्वाद देने के लिए सभी पहुंचे हैं। कोकिला का टारगेट रहेगा की 2027 में वल्र्ड गेम आ रहे हैं ओर उनमें गोल्ड मेडल हासिल करें और 2028 में पैरा ओलंपिक में भी बड़ी अचीवमेंट हासिल करें।
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हिन्दुस्थान समाचार / विजेंद्र मराठा

