हिसार में सुधर रहा लिंगानुपात, जुलाई में बढ़कर 947 पहुंचा
पीसी-पीएनडीटी अधिनियम की सख्ती और 'बेटी बचाओ-बेटी
पढ़ाओ' अभियान का असर
उपायुक्त ने अधिकारियों को दिए निगरानी और तेज
करने के निर्देश
हिसार, 04 अगस्त (हि.स.)। जिले में कन्या भ्रूण
हत्या पर रोक लगाने और 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' अभियान के तहत चलाए जा रहे प्रयासों
का सकारात्मक असर दिखाई देने लगा है। मंगलवार को उपायुक्त महेंद्र पाल की अध्यक्षता
में हुई जिला टास्क फोर्स की बैठक में सामने आए आंकड़ों के अनुसार जुलाई 2026 में जिले
का लिंगानुपात बढ़कर 947 पहुंच गया, जो पिछले महीनों की तुलना में उल्लेखनीय सुधार
है।
बैठक में जनवरी से जुलाई 2026 तक के जन्म पंजीकरण
के आंकड़ों की समीक्षा की गई। आंकड़ों के अनुसार जनवरी में लिंगानुपात 817, फरवरी में
848, मार्च में 988, अप्रैल और मई में 938-938, जून में 871 तथा जुलाई में 947 दर्ज
किया गया। जुलाई में जिले में कुल 2740 जन्म हुए, जिनमें 1407 बालक और 1333 बालिकाएं
शामिल हैं। समीक्षा के दौरान बताया गया कि जनवरी से जुलाई
तक जिले में 18,273 बच्चों का जन्म पंजीकरण हुआ, जिनमें 9605 बालक और 8668 बालिकाएं
शामिल हैं। इस अवधि का संचयी लिंगानुपात 902 रहा। वहीं फरवरी से जून के बीच औसत सीआरएस
लिंगानुपात 914 था, जो फरवरी से जुलाई की अवधि में बढ़कर 920 हो गया।
उपायुक्त महेंद्र पाल ने कहा कि यह सुधार पीसी-पीएनडीटी
अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन, अल्ट्रासाउंड केंद्रों की नियमित निगरानी, संदिग्ध
गतिविधियों पर कार्रवाई और जन-जागरूकता अभियानों का परिणाम है। उन्होंने अधिकारियों
को निर्देश दिए कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया जाए तथा स्वास्थ्य
संस्थानों, अल्ट्रासाउंड केंद्रों और जन्म पंजीकरण की लगातार निगरानी सुनिश्चित की
जाए। उन्होंने आमजन से भी कन्या भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक बुराई के खिलाफ आगे आने और
बेटियों के सम्मान व संरक्षण के लिए सहयोग करने का आह्वान किया। उपायुक्त ने विश्वास
जताया कि प्रशासन और समाज के संयुक्त प्रयासों से जिले में लिंगानुपात में और सुधार
होगा। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त शालिनी चेतल, बरवाला
एसडीएम अश्वीर नैन, सीएमजीजीए अनमोल, नगराधीश रोहित कुमार, एएसपी मयंक मुदगिल, जिला
परिषद सीईओ सुभाष चंद्र सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर

