औद्योगिक प्रदूषण कम करने के लिए पर्यावरण अनुकूल विकल्प अपनाएं उद्यमी : राव नरबीर सिंह
-एमएसएमई उद्यमियों की समस्याओं पर उद्योग मंत्री ने किया मंथन-सब्सिडी की फाइलों पर एक साथ बताएं सभी कमियां, बार-बार न लगाएं आपत्तियां
चंडीगढ़, 13 अक्टूबर (हि.स.)। हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने उद्योग जगत से औद्योगिक प्रदूषण कम करने और ऐसी औद्योगिक पॉलीथिन के विकल्प विकसित करने का आह्वान किया है, जो आसानी से नष्ट नहीं होती और पर्यावरण प्रदूषण बढ़ाती है। उन्होंने कहा कि उद्योगों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पर्यावरण के अनुकूल विकल्पों को अपनाना समय की मांग है।
राव नरबीर सिंह मंगलवार को चंडीगढ़ में लघु उद्योग भारती से जुड़े सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र के उद्यमियों के साथ बैठक कर रहे थे। बैठक में उद्यमियों ने औद्योगिक प्रदूषण, औद्योगिक प्लॉट से संबंधित समस्याओं और रिहायशी क्षेत्रों में संचालित उद्योगों के सर्वे सहित विभिन्न मुद्दे उठाए। रोहतक, सोनीपत, हिसार, भिवानी और यमुनानगर समेत कई जिलों से संगठन के प्रतिनिधि बैठक में शामिल हुए और उन्होंने अपनी समस्याओं से मंत्री को अवगत कराया।
उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री ने कहा कि हरियाणा में एमएसएमई क्षेत्र को प्रोत्साहित करने और उद्यमियों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में सुविधा प्रदान करने के लिए प्रत्येक जिले में चार-चार उद्यमी साथी लगाए गए हैं। इससे उद्यमियों को योजनाओं की जानकारी प्राप्त करने और उनसे जुड़ी प्रक्रियाओं को पूरा करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में उद्योगों के विस्तार और नए निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए उद्यमियों को सहयोगपूर्ण माहौल उपलब्ध कराना जरूरी है। सरकारी योजनाओं का लाभ लेने की प्रक्रिया सरल होनी चाहिए, ताकि उद्यमियों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
राव नरबीर सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सब्सिडी या अन्य सरकारी सहायता के लिए प्रस्तुत फाइलों पर बिना वजह आपत्तियां न लगाई जाएं। यदि किसी फाइल में कोई कमी है, तो संबंधित अधिकारी एक ही बार में सभी कमियों और आपत्तियों की जानकारी दें, ताकि उद्यमी उनका समाधान करके फाइल को आगे बढ़ा सकें।
उन्होंने कहा कि बार-बार नई आपत्तियां लगाने से प्रक्रिया में अनावश्यक देरी होती है और उद्यमियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसलिए अधिकारियों को फाइलों का समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से निपटारा सुनिश्चित करना चाहिए।
बैठक में उद्यमियों ने औद्योगिक प्लॉट, रिहायशी क्षेत्रों में संचालित उद्योगों के सर्वे और प्रदूषण से जुड़े मुद्दों पर भी अपनी चिंताएं रखीं।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

