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औद्योगिक इकाइयों को ऑनलाइन सेल्फ-सर्टिफिकेशन से मिलेगी मंजूरी

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सरकार ने नियंत्रित क्षेत्रों में नियमों में किया संशोधन

चंडीगढ़, 11 अक्टूबर (हि.स.)। हरियाणा में औद्योगिक परियोजनाओं के लिए अनुमति प्रक्रिया को सरल बनाने की दिशा में सरकार ने महत्वपूर्ण बदलाव किया है। नगर तथा ग्राम आयोजना विभाग ने अधिसूचना जारी कर पंजाब अनुसूचित सडक़ों तथा नियंत्रित क्षेत्रों में अनियमित विकास पर रोक संबंधी नियम, 1965 में हरियाणा के लिए संशोधन किए हैं। इसके तहत औद्योगिक उपयोग के लिए ऑनलाइन माध्यम से स्व-प्रमाणन के आधार पर प्राप्त अनुमति को निदेशक की ओर से दी गई अनुमति माना जाएगा। ऐसी प्रक्रिया से उत्पन्न अनुमति के लिए नियम 26बी, 26सी और 26डी के प्रावधान लागू नहीं होंगे। हालांकि, स्व-प्रमाणन में गलत बयान देने, तथ्य छिपाने या भ्रामक जानकारी प्रस्तुत करने पर अनुमति शुरू से ही अमान्य मानी जाएगी।

अधिसूचना के अनुसार, नियमों में ‘सेल्फ-सर्टिफिकेशन’ की परिभाषा जोड़ी गई है। इसके तहत आवेदक अपेक्षित जानकारी, दस्तावेज और आवश्यक वचनबद्धताएं स्वयं प्रमाणित करके प्रस्तुत करेगा। औद्योगिक उपयोग के लिए ऑनलाइन माध्यम से स्व-प्रमाणन के आधार पर उत्पन्न अनुमति को निदेशक द्वारा जारी अनुमति के समान माना जाएगा। संशोधन में स्पष्ट किया गया है कि औद्योगिक उपयोग को छोडक़र अन्य मामलों में अनुमति देने के लिए नियम 26डी में निर्धारित सभी शर्तों को पूरा करना होगा। निदेशक की संतुष्टि के बाद ही अनुमति दी जाएगी। इस तरह स्व-प्रमाणन की विशेष व्यवस्था औद्योगिक उपयोग तक सीमित रखी गई है। इसे सभी प्रकार के भूमि उपयोग या निर्माण की अनुमति पर लागू नहीं माना जा सकता।

सरकार ने स्व-प्रमाणन की व्यवस्था के साथ जवाबदेही का प्रावधान भी जोड़ा है। अधिसूचना के अनुसार, औद्योगिक उपयोग के लिए स्व-प्रमाणन के आधार पर उत्पन्न कोई भी अनुमति यदि गलत बयान, भ्रामक प्रस्तुति या किसी महत्वपूर्ण तथ्य को छिपाने के आधार पर प्राप्त की गई हो, तो वह शुरू से ही शून्य मानी जाएगी। उसे जारी किए जाने की तारीख से ही अप्रभावी समझा जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा