हांसी : सिंचाई कर्मचारियों का प्रशासन को अल्टीमेटम, 15 तक सभी आरोपी गिरफ्तार नहीं हुए तो होगा बड़ा आंदोलन
नहरी पानी चोरी रोकने गई टीम पर हमले के विरोध में लघु सचिवालय पर प्रदर्शन
डीसी-एसपी के नाम सौंपा ज्ञापन; एक गिरफ्तारी से संतुष्ट नहीं कर्मचारी
हांसी, 11 अगस्त (हि.स.)। नहरी पानी चोरी रोकने गई सिंचाई विभाग की टीम पर
हुए हमले का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। गत 29 जुलाई को सिवानी फीडर पर ड्यूटी
के दौरान कर्मचारियों के साथ हुई मारपीट के विरोध में मंगलवार को पीडब्ल्यूडी मैकेनिकल
वर्कर्ज यूनियन और सर्व कर्मचारी संघ से जुड़े कर्मचारियों ने लघु सचिवालय पहुंचकर
प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए हमले में
शामिल सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। प्रदर्शन के बाद डीसी और एसपी
के नाम ज्ञापन सौंपा गया। प्रदर्शन की अध्यक्षता सर्व कर्मचारी संघ के ब्लॉक अध्यक्ष
रविंद्र शर्मा ने की।
कर्मचारी नेताओं ने कहा कि घटना को एक सप्ताह से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन
पुलिस अब तक केवल एक आरोपी को गिरफ्तार कर पाई है, जबकि अन्य आरोपी खुलेआम घूम रहे
हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों पर हमला करने वालों के खिलाफ
समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो फील्ड में काम करने वाले कर्मचारियों का मनोबल
प्रभावित होगा।उन्होंने कहा कि सिंचाई विभाग के कर्मचारी नहरी पानी को टेल तक पहुंचाने
और पानी चोरी रोकने के लिए लगातार फील्ड में ड्यूटी करते हैं। ऐसे में ड्यूटी के दौरान
कर्मचारियों पर हमला होना गंभीर मामला है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि नहरी पानी चोरी
रोकने के लिए कर्मचारी मौके पर जाएंगे और वहां उनकी सुरक्षा खतरे में होगी तो उनकी
जिम्मेदारी कौन लेगा।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि हमले में शामिल सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर
उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए और फील्ड कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित
की जाए। कर्मचारी नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि हमलावरों पर कार्रवाई नहीं हुई तो कर्मचारी
नहरी पानी चोरी रोकने के अभियानों से पीछे हटने को मजबूर हो सकते हैं।
राज्य प्रधान गंगा राम मौन, शाखा प्रधान अशोक यादव और सर्व कर्मचारी संघ के
कोषाध्यक्ष सुरेंद्र यादव ने प्रशासन को स्पष्ट अल्टीमेटम देते हुए कहा कि 15 अगस्त
तक सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो कर्मचारी बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे। उन्होंने
कहा कि इसके बाद पैदा होने वाली स्थिति के लिए प्रशासन जिम्मेदार होगा।
ज्ञापन लेने पहुंचे एसडीएम राजेश खोथ और डीएसपी विनोद शंकर ने यूनियन प्रतिनिधियों
को आश्वासन दिया कि 15 अगस्त तक हमले में शामिल सभी आरोपियों की गिरफ्तारी कर उन्हें
जेल भेजने की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन के आश्वासन के बाद कर्मचारियों ने फिलहाल
आंदोलन स्थगित कर दिया। कर्मचारी नेताओं ने स्पष्ट किया कि निर्धारित समय सीमा में
कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर

