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ऊषा प्रियदर्शी बनीं महिला आयोग की अध्यक्ष, सरकार ने महिला आयाेग का किया पुनर्गठन

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चंडीगढ़, 12 जून (हि.स.)। हरियाणा सरकार ने प्रदेश में महिला आयाेग का पुनर्गठन कर दिया है। कुरुक्षेत्र में नर्सिंग स्टाफ से विवाद के बाद चलते हरियाणा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रेणु भाटिया के इस्तीफे के बाद शुक्रवार काे सरकार ने महिला आयाेग की अध्यक्ष व उपाध्यक्ष समेत पांच सदस्याें की नियुक्ति की है। भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष गुरुग्राम निवासी ऊषा प्रियदर्शी को महिला आयोग की नई अध्यक्ष बनाया गया है। इसी तरह भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश महामंत्री और तोशाम विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ चुकीं मीना परमार उपाध्यक्ष होंगी। इनके अलावा भारती सैनी, सुनीता लोहचब, सुमन शहजादवाला, अनुकंपा गर्ग और सुनीता चौहान को सदस्य बनाया गया है।

महिला एवं बाल विकास विभाग के आयुक्त एवं सचिव शेखर विद्यार्थी ने राज्य महिला आयोग की नई अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और पांच सदस्यों के नियुक्ति आदेश जारी कर दिए।

नर्सिंग ऑफिसर से विवाद के बाद रेणु भाटिया द्वारा इस्तीफा दिया गया था लेकिन सरकार की तरफ से इस्तीफा स्वीकार किए जाने के संबंध में काेई जानकारी नहीं दी गई थी। शुक्रवार काे नई नियुक्तियाें के साथ ही स्थिति साफ हाे गई है।

महिला आयोग की चेयरपर्सन का कार्यकाल तीन साल का होता है, लेकिन रेनू भाटिया साढ़े चार साल तक इस पद पर रहीं। उन्होंने 19 जनवरी 2022 को चेयरपर्सन के रूप में कार्यभार ग्रहण किया था। इस आधार पर उनका कार्यकाल पिछले साल 18 जनवरी को पूरा हो गया था। 26 नवंबर 2024 को महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से जारी एक पत्र के माध्यम से उनका कार्यकाल अगले आदेश तक बढ़ाया गया था, जिस पर अब विवाद छिड़ा है। नियमानुसार किसी विभागीय पत्र द्वारा कानून में निर्धारित अधिकतम कार्यकाल की सीमा को पार नहीं किया जा सकता।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा