हरियाणा में 2.6 कराेड़ मतदाताओं का हाेगा सत्यापन, एसआईआर का ऐलान
चंडीगढ़, 14 मई (हि.स.)। हरियाणा में मतदाताओं का गहन पुनरीक्षण होगा। निर्वाचन आयोग के ऐलान के साथ ही प्रदेश में फिर से वोट की वैधता का मुद्दा शुरू हो गया है। विपक्षी दल इस मुद्दे पर सरकार के माध्यम से निर्वाचन आयोग को घेरने के लिए तैयार हो गए हैं।
इस प्रक्रिया के तहत राज्य के करीब 2 करोड़ 6 लाख मतदाताओं का दोबारा सत्यापन होगा। चुनाव आयोग की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार हरियाणा में ड्राफ्ट वोटर लिस्ट 21 जुलाई को प्रकाशित होगी, जबकि अंतिम निर्वाचक नामावली 22 सितंबर को जारी की जाएगी। प्रदेश में करीब 25 लाख मतदाताओं को संदिग्ध श्रेणी में माना जा रहा है। ऐसे में राजनीतिक गलियारों में यह सवाल तेज हो गया है कि क्या एसआईआर प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में वोट कटेंगे। यही वजह है कि इस पूरे अभियान को हरियाणा का अब तक का सबसे बड़ा ‘वोटर ऑडिट’ माना जा रहा है। एसआईआर की टाइमिंग ने राजनीतिक माहौल को और ज्यादा गर्म कर दिया है।
अक्तूबर-2024 में हुए हरियाणा विधानसभा चुनावों के बाद से कांग्रेस लगातार भाजपा पर वोट चोरी के आरोप लगाती रही है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने ‘एच फाइल्स’ नाम से प्रेस कॉन्फ्रेंस कर हरियाणा चुनावों में करीब 25 लाख वोटों में गड़बड़ी का आरोप लगाया था। कांग्रेस का दावा था कि मतदाता सूची में बड़े स्तर पर हेरफेर हुआ। प्रदेश कांग्रेस ने ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ अभियान भी चलाया था। कांग्रेस लगातार चुनाव आयोग और भाजपा सरकार पर सवाल उठाती रही है। हरियाणा में कुल 20 हजार 629 मतदान केंद्र हैं। इन सभी बूथों पर मतदाता सूची का गहन सत्यापन किया जाएगा। इसके लिए करीब 25 हजार अधिकारियों और कर्मचारियों को विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी। बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे। हर वोटर के पते, पहचान और पात्रता की जांच होगी। इस दौरान राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) भी सक्रिय रहेंगे। गांवों से लेकर शहरों तक हर बूथ पर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है।
हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

