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हरियाणा में खुलेंगे 700 वीटा बूथ: नायब सैनी

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साझा डेयरी योजना में पंचायती जमीन पर बनेंगे पशु शैड

महिला स्वयं सहायता समूहों को 10 रु प्रति लीटर प्रोत्साहन

चंडीगढ़, 28 जुलाई (हि.स.)। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि सहकारी समितियों के तहत पंजीकृत महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों को विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। इसके अलावा, साझा डेयरी योजना के तहत पंचायती जमीन पर इन समूहों के लिए शैड तथा पशुओं की खरीद के लिए ऋण सुविधा भी उपलब्ध करवाई जाएगी।

मुख्यमंत्री चंडीगढ़ में सहकारी फेडरेशन, डेरीफेड, वीटा बूथ, हरहित स्टोर, लेबरफेड, हाउसफेड आदि सहकारी फेडरेशनों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में सहकारिता एवं मंत्री अरविंद शर्मा भी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में आय के स्त्रोतों की बढ़ोतरी के लिए सरकार ने अनेक कदम उठाए हैं। सहकारी समितियों के तहत पंजीकृत स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को 10 रुपये प्रति लीटर प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। दुग्ध उत्पादन एवं अन्य दुग्ध उत्पाद के लिए बजट की कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी। उन्होंने सहकारिता विभाग द्वारा सर्दियों में 3 रुपए, गर्मियों में 5 रुपए दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि में 2 रुपए के हिसाब से बढाने की घोषणा की। अब यह राशि 5 रुपए तथा 7 रुपए प्रति लीटर की गई है। उन्होंने कहा कि दुग्ध मार्केटिंग के लिए 3 रुपए प्रति लीटर की बढौतरी की जा रही है ताकि वीटा दूध को अन्य दूध की तर्ज पर मुनाफे में लाया जा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुर्राह नस्ल की भैंस हरियाणा की पहचान है। दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए और ज्यादा सार्थक प्रयास किए जाने चाहिए। इसके लिए पेक्स में महिलाओं के समूहों को दूध की डेयरी शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 143 स्वयं सहायता समूहों ने दूध की बिक्री के लिए सहमति जताई है। जल्द ही सहकार से समृद्धि की ओर ले जाने के लिए इन समूहों के लिए शैड बनवाकर आधुनिक डेरी सुविधाएं सुलभ करवाकर कार्य शुरू करवाया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की 800 सहकारी समितियों में से 710 का ऑनलाइन रजिस्ट्रशन किया गया है। प्रदेश में रोजगार को बढ़ावा देने के लिए 674 वीटा बूथ खोले जा चुके हैं तथा जल्द ही 318 बूथ ओर खोले जाएंगे। इसके अलावा 240 बूथों के लिए प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि वीटा बूथ सेंटरों की संख्या बढ़ाने के लिए तेजी से कार्य किया जा रहा है। सहकारी समितियों के माध्यम से प्रतिदिन 5 लाख लीटर दूध की खरीद की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वीटा दूध एवं उत्पादों की बिक्री के लिए रेलवे तथा डिफेंस के लिए प्रयास किए जाएं। उन्होंने कहा कि बावल में 1.50 लाख लीटर क्षमता का दुग्ध प्लांट लगाया जा रहा है जिसकी क्षमता बढ़ाकर चरणबद्व तरीके से 5 लाख लीटर की जाएगी। इसके अलावा अम्बाला में भी 1.50 लाख लीटर क्षमता का प्लांट लगाया जा रहा है। इसके अलावा प्रदेश के हर जिले में 5 से 10 हजार लीटर क्षमता के 21 मिल्क चिलिंग सेंटर खोले जाएंगे।

उन्होंने बताया कि हरियाणा राज्य परिवहन के बस अड्डों पर 75 बूथ खोले गए हैं। इसके अलावा रेलवे स्टेशनों, टूरिज्म क्षेत्रों तथा ग्रुप हाऊसिंग सोसायटियों तथा सिविल अस्पतालों में भी जन औषधि स्टोर की तरह वीटा बूथ खोले जाएंगे। इसी प्रकार प्रदेश में 1400 हरहित स्टोर खोले जाएंगे तथा पंचायतों में आईओसीएल के लिए 300 स्थलों की पहचान की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सहकारी चीनी मिलों में पिराई का लक्ष्य 130 दिन किया जाए तथा रिकवरी लक्ष्य बढ़ाकर 10 प्रतिशत किया जाए। इसके अलावा गन्ने का क्षेत्रफल बढ़ाने के लिए ड्रीप इरीगेशन का उपयोग के साथ किसानों को ज्यादा से ज्यादा गन्ना लगाने हेतु प्रोत्साहित किया जाए।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा