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हरियाणा के निजी मेडिकल व पैरामेडिकल कॉलेजों को सख्त निर्देश

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चंडीगढ़, 19 अक्टूबर (हि.स.)। हरियाणा सरकार ने निजी मेडिकल व पैरामेडिकल कॉलेजों को फीस वसूली के संबंध में कड़े निर्देश जारी किए हैं। हरियाणा चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान निदेशालय ने सोमवार को राज्य के सभी निजी मेडिकल, डेंटल, नर्सिंग, फिजियोथेरेपी और पैरामेडिकल कॉलेजों तथा संस्थानों के लिए महत्वपूर्ण सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान निदेशक धीरेंद्र खड़गटा (आईएएस) द्वारा जारी आदेश में सभी संबंधित संस्थानों को सरकार द्वारा संबंधित पाठ्यक्रमों एवं शैक्षणिक सत्रों के लिए निर्धारित व अधिसूचित फीस संरचना (शुल्क ढांचे) का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।

निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि कोई भी निजी संस्थान किसी भी छात्र या उनके माता-पिता/अभिभावक से सक्षम प्राधिकारी द्वारा निर्धारित या अधिकृत राशि से अधिक किसी भी नाम या रूप में प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से कोई शुल्क, शुल्क-अंश, जमा या अन्य राशि की मांग, संग्रह या वसूली नहीं करेगा।

निदेशालय द्वारा सभी संस्थानों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि सरकार द्वारा निर्धारित फीस संरचना को संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट और नोटिस बोर्ड पर प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाए। साथ ही छात्र से ली गई प्रत्येक राशि के लिए उचित रसीद जारी करना और वसूल किए गए सभी शुल्कों का पूरा रिकॉर्ड बनाए रखना अनिवार्य किया गया है।

उन्होंने निर्देशों में यह भी चेतावनी दी है कि निर्धारित शुल्क संरचना से बचने या उसे घुमा-फिराकर लागू करने के लिए किसी अन्य नाम या व्यवस्था के तहत कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। इसके अलावा, किसी भी छात्र या अभिभावक को किसी भी अनाधिकृत राशि के भुगतान के लिए दबाव, उत्पीड़न या किसी अन्य अनुचित व्यवहार का शिकार नहीं बनाया जाना चाहिए।

निदेशालय ने साफ कर दिया है कि निर्धारित शुल्क का उल्लंघन या इसमें किसी भी प्रकार का विचलन पाए जाने पर इसे अत्यंत गंभीरता से लिया जाएगा। ऐसे मामले में दोषी पाए जाने वाले संस्थान के खिलाफ लागू कानूनों, नियमों, विनियमों और सक्षम प्राधिकारी के आदेशों व निर्देशों के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा