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हरियाणा को गुजरात से मिले 50 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव

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हरियाणा को गुजरात से मिले 50 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव


- डिफेंस, रियल एस्टेट,ऑयल एवं गैस क्षेत्र में होगा 25,000 करोड़ का निवेश

- एग्रीकल्चर एवं फूड प्रोसेसिंग में 1,400 करोड़ और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में 2,900 करोड़ के निवेश प्रस्ताव

चंडीगढ़, 28 अक्टूबर (हि.स.)। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के दो दिवसीय गुजरात दौरे के दौरान प्रदेश को निवेश के क्षेत्र में बड़ी सफलता मिली है। गुजरात के प्रमुख उद्योगपतियों और निवेशकों के साथ हुई बैठकों के सकारात्मक परिणामस्वरूप हरियाणा में 50 हजार करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्तावों से संबंधित समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इन निवेश प्रस्तावों से प्रदेश में औद्योगिक विकास को गति मिलने के साथ-साथ रोजगार के व्यापक अवसर सृजित होने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री बुधवार को गुजरात के गांधीनगर में बिजनेस लीडर्स और निवेशकों के साथ वन-टू-वन बैठक कर रहे थे। इस मौके पर उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह भी मौजूद रहे।

बुधवार को हुए एमओयू में मुख्य रूप से डिफेंस, रियल एस्टेट और ऑयल एंड गैस क्षेत्र में लगभग 25,000 करोड़ के निवेश प्रस्ताव शामिल हैं। इसके अलावा, एग्रीकल्चर एवं फूड प्रोसेसिंग क्षेत्र में 1,400 करोड़ और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में 2,900 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। कंप्रेस्ड बायोगैस और सिविल एविएशन क्षेत्रों में भी निवेश के लिए एमओयू किए गए हैं। दौरे के पहले दिन भी लगभग 12,000 करोड़ से संबंधित एमओयू पर हस्ताक्षर हुए थे।

नायब सिंह सैनी ने गुजरात प्रवास के दौरान विभिन्न उद्योगपतियों और निवेशकों के साथ वन-टू-वन बैठकें कीं और उन्हें हरियाणा में अपने कारोबार का विस्तार करने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने निवेशकों को राज्य की उद्योग-अनुकूल नीतियों, मजबूत बुनियादी ढांचे, बेहतर कनेक्टिविटी, कुशल मानव संसाधन और अनुकूल कारोबारी वातावरण की जानकारी दी। उन्होंने आश्वस्त किया कि हरियाणा सरकार उद्योगों की स्थापना और निवेश परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए सरल प्रक्रियाएं, डिजिटल सुविधाएं तथा नियमानुसार आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य हरियाणा को निवेश, उद्योग और विनिर्माण के क्षेत्र में अग्रणी बनाते हुए रोजगार के नए अवसर सृजित करना और प्रदेश की आर्थिक प्रगति को नई गति प्रदान करना है।

उन्हाेंने कहा कि हरियाणा और गुजरात, दोनों ही राज्य उद्यमशीलता, विनिर्माण और औद्योगिक विकास के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान रखते हैं। दोनों राज्यों के उद्योगपतियों के बीच सहयोग बढऩे से निवेश, तकनीकी नवाचार, उत्पादन क्षमता और रोजगार सृजन की नई संभावनाएं विकसित होंगी। मुख्यमंत्री ने गुजरात के उद्योगपतियों और निवेशकों को अप्रैल 2027 में हरियाणा में प्रस्तावित ‘हैपनिंग हरियाणा ग्लोबल समिट’ में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार का उद्देश्य निवेशकों को एक ऐसा अनुकूल औद्योगिक वातावरण उपलब्ध कराना है, जहां वे बिना किसी बाधा के अपने कारोबार की स्थापना और विस्तार पर ध्यान केंद्रित कर सकें। मुख्यमंत्री ने निवेशकों को आश्वस्त किया कि हरियाणा सरकार उद्योग जगत की समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है और निवेश की पूरी प्रक्रिया में उन्हें हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा