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हरियाणा के बिजली कर्मचारियों को मिलेगा 500 रुपये मासिक जोखिम भत्ता

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-ग्रामीण उपभोक्ताओं को 350 यूनिट सौर बिजली उपलब्ध कराने की योजना-पानीपत में बनेगी सेंट्रल पावर रिसर्च इंस्टीच्यूट टेस्टिंग लेब

चंडीगढ़, 13 अक्टूबर (हि.स.)। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने बिजली कर्मचारियों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए उन्हें 500 रुपये मासिक जोखिम भत्ता देने की घोषणा की है। इसके साथ ही युवाओं की जॉब सिक्योरिटी सुनिश्चित करने के लिए सभी विभागाध्यक्षों (एचओडी) को आवश्यक औपचारिकताएं एक सप्ताह के भीतर पूरी करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री की इस घोषणा से बिजली निगमों के हजारों कर्मचारियों को सीधा वित्तीय लाभ मिलने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री सैनी सोमवार को चंडीगढ़ में बिजली निगमों के अधिकारियों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में बिजली आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने, सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने और उपभोक्ताओं को राहत देने से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई।

देर रात तक चली बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सड़कों के किनारे बिजली लाइन बिछाते समय इस बात का ध्यान रखा जाए कि भविष्य में सड़क चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण के दौरान बिजली के पोल बाधा न बनें। उन्होंने कहा कि सड़क विस्तार के समय आसपास लगे बिजली के पोल और लाइनों को हटाने में परेशानी होती है। इसलिए योजना बनाते समय इन पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया जाए। साथ ही, बिजली निगमों में एक अतिरिक्त ट्रांसफार्मर उपलब्ध रखने की व्यवस्था करने को भी कहा।

मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि कम लाइन लॉस और 100 प्रतिशत बिजली बिल भुगतान वाले प्रत्येक जिले के एक गांव का चयन पायलट प्रोजेक्ट के तहत किया जाए। इन गांवों को स्मार्ट बनाया जाएगा। महानगरों में भी इसी तरह की पहल करने पर जोर दिया, ताकि प्रदेश में सौर ऊर्जा का उत्पादन बढ़ाया जा सके।

उन्होंने ग्रामीण उपभोक्ताओं के लिए सौर ऊर्जा आधारित योजना तैयार करने को कहा, जिसके तहत प्रत्येक परिवार को सौर ऊर्जा संयंत्र से 350 यूनिट बिजली उपलब्ध कराई जा सके और बिजली बिल शून्य करने का लक्ष्य हासिल हो। इसके लिए प्रत्येक उपभोक्ता के घर पर कम से कम दो किलोवाट क्षमता का सोलर पावर प्लांट लगाने तथा 78 हजार रुपये की सब्सिडी का पूरा लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पांच लाख रुपये से अधिक आय वाले उपभोक्ताओं को सोलर पावर प्लांट लगाने पर सरकार की ओर से एक लाख रुपये की सब्सिडी दी जाएगी। इसमें 22 हजार रुपये की अतिरिक्त राशि भी सरकार उपलब्ध कराएगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि पानीपत के आसन कलां गांव में 30 एकड़ भूमि पर सेंट्रल पावर रिसर्च इंस्टीट्यूट की टेस्टिंग लैब स्थापित की जाएगी। इससे बिजली उपकरणों की जांच और परीक्षण संबंधी सुविधाओं को बढ़ावा मिलेगा।

बैठक में 'म्हारा गांव-जगमग गांव' योजना की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि प्रदेश के 6,105 गांवों में निर्बाध रूप से 24 घंटे बिजली आपूर्ति की जा रही है।---------

हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा