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सीएचओ बनने वाले एनएचएम कर्मियों को पास करनी होगी परीक्षा

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चंडीगढ़, 28 अक्टूबर (हि.स.)। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत कार्यरत कर्मियों को सामुदयिक स्वास्थ्य अधिकारी के पद पर नियुक्त के लिए छह माह का सर्टिफिकेट कोर्स पास करना होगा। पहली बार में परीक्षा पास करने वाले कर्मियों को छह माह की अवधि का लाभ मिलेगा, जबकि दूसरी बार में पास करने पर ब्रेक माना जाएगा।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन हरियाणा की ओर से सर्टिफिकेट कोर्स को लेकर तय किए मानकों की अधिसूचना जारी की है। एनएचएम की ओर से स्पष्ट किया गया है कि छह माह के सर्टिफिकेट कोर्स की अवधि का लाभ उनकी परीक्षा में सफलता के आधार पर दिया जाएगा। पहली बार में परीक्षा उत्तीर्ण करने पर छह माह की अवधि को प्रशिक्षण अवधि मानते हुए सेवा में शामिल किया जाएगा। वहीं, दूसरे प्रयास में परीक्षा पास करने पर यह अवधि सेवा में अंतराल मानी जाएगी।

निर्देशों के मुताबिक, यदि कोई अभ्यर्थी प्रथम प्रयास में परीक्षा पास नहीं कर पाता और दूसरे प्रयास में सफल होता है, तो छह माह के कोर्स अथवा प्रशिक्षण की अवधि को सेवा में अंतराल (ब्रेक इन सर्विस) माना जाएगा। ऐसी स्थिति में कर्मचारी को इस अवधि का सेवा लाभ नहीं मिलेगा।

एनएचएम की ओर से जारी दिशा-निर्देशों में परीक्षा में दो बार असफल रहने वाले अभ्यर्थियों के संबंध में भी स्थिति स्पष्ट की गई है। यदि कोई अभ्यर्थी दूसरे प्रयास में भी परीक्षा उत्तीर्ण नहीं कर पाता है, तो उसकी सीट रिक्त घोषित कर दी जाएगी। इसके बाद उस सीट को भरने के लिए दोबारा विज्ञापन जारी किया जाएगा।

निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि सीएचओ के पद पर नियुक्त होने वाले संबंधित एनएचएम कर्मचारियों की पूर्व सेवाओं तथा छह माह के सर्टिफिकेट कोर्स की अवधि के लाभ को लेकर तीनों परिस्थितियों के लिए अलग-अलग प्रावधान निर्धारित किए गए हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा