हरियाणा सरकार ने 120 रुपये किलो तय किया शहद का सरंक्षित मूल्य
- सीएम बोले, हरियाणा में अब श्वेत क्रांति से होगी स्वीट क्रांति
- 2030 तक 15,500 मीट्रिक टन शहद उत्पादन का लक्ष्य
चंडीगढ़, 20 मई (हि.स.)। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के श्वेत क्रांति से स्वीट क्रांति के आह्वान पर आगे बढ़ते हुए मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने के लिए मधुमक्खी पालन नीति बनाई। इस नीति के तहत वर्ष 2030 तक मधुमक्खी पालकों की संख्या बढ़ाकर 7 हजार 750 करने और शहद उत्पादन 15 हजार 500 मीट्रिक टन करने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री बुधवार को पंचकूला में हरियाणा उद्यान विभाग द्वारा विश्व मधुमक्खी दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से आए मधुमक्खी पालकों द्वारा शहद और शहद से बने उत्पादों के स्टालस का अवलोकन किया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि मधुमक्खी पालन से जुड़े किसानों को अनिश्चितता और बाजार के उतार-चढ़ाव से राहत दिलाते हुए हरियाणा सरकार द्वारा मधुमक्खी पालन को भी भावांतर भरपाई योजना में शामिल किया गया है। इस योजना के तहत शहद का, संरक्षित मूल्य 120 रुपये किलो तय किया गया है। इससे अब किसान को नुकसान होने का डर नहीं रहता और उन्हें एक निश्चित आय की गारंटी मिली है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 30 किसानों के खातों में भावांतर भरपाई योजना के तहत 1 करोड़ 2 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि जारी की। उन्होंने बताया कि इसके अलावा मधुमक्खी पालकों को प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए मधुमक्खी पालन को मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना में शामिल करने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि नेशनल मधुक्रांति पोर्टल पर हरियाणा के 3 हजार से अधिक मधुमक्खी पालक रजिस्टर्ड हैं। मधुमक्खी पालकों के रजिस्ट्रेशन करवाने में हरियाणा राज्य प्रथम स्थान पर है।
उन्होंने कहा कि मधुमक्खियों का महत्व केवल खेती तक ही सीमित नहीं है। वर्तमान समय में मधुमक्खी पालन रोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार बन चुका है। कम लागत, कम जमीन और कम संसाधनों में शुरू होने वाला यह व्यवसाय लाखों लोगों को रोजगार प्रदान कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा में लगभग 5 हजार मीट्रिक टन शहद उत्पादन होता है। उन्होंने कहा कि हमने मधुमक्खी पालन सहित बागवानी को कृषि विविधिकरण का एक प्रमुख स्तंभ बनाया है। प्रदेश में वर्ष 2014 में कुल बागवानी क्षेत्र 1 लाख 17 हजार एकड़ था, जो आज बढक़र दोगुणा से भी अधिक यानी 2 लाख 73 हजार एकड़ हो गया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 11 प्रगतिशील मधुमक्खी पालकों को 11-11 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इससे पूर्व, हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है और इस दिशा में अनेक योजनाएं भी लागू की है।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

