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आईएएस अधिकारी की गिरफ्तारी से हरियाणा सचिवालय में गरमाया माहौल

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दो आईएएस दे चुके हैं सरकारी गवाह बनने का प्रस्ताव

चंडीगढ़, 19 जून (हि.स.)। सीबीआई द्वारा बैंक घोटाले में एक आईएएस अधिकारी को गिरफ्तार किए जाने के बाद जांच का सामना कर रहे अन्य आईएएस अधिकारियों में हडक़ंप मच गया है। सीबीआई किसी भी समय अन्य अधिकारियों को दबोच सकती है। जांच का सामना कर रहे दो आईएएस अधिकारी पहले ही सरकारी गवाह बनने का प्रस्ताव रख चुके हैं लेकिन सीबीआई ने इसमें दिलचस्पी दिखाने की बजाए जांच को आगे बढ़ाते हुए गिरफ्तारियां शुरू कर दी हैं।

गुरुवार को गिरफ्तार किए गए आईएएस अधिकारी आरके सिंह को लेकर सीबीआई ने कई जगह छापे मारे हैं। पंचकूला नगर निगम में 79.46 करोड़ रुपए के फंड घोटाले में गिरफ्तार हरियाणा के आईएएस अधिकारी रामकुमार सिंह पर शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। एजेंसी को पूछताछ और छापेमारी के दौरान ऐसे कई सुराग मिले हैं।

जांच के दौरान पता चला है कि सिंह ने दुबई में कथित तौर पर बेटे के खाते में 2.5 करोड़ रुपये की रकम ट्रांसफर की थी। इसके अलावा करनाल में करीब 15 एकड़ कृषि भूमि और कथित बेनामी संपत्तियां शामिल हैं। सीबीआई ने इसी आधार पर आर के सिंह को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा जून के पहले सप्ताह में गिरफ्तार किए गए सीनियर अकाउंटेंट सुरेंद्र जैन का वह बयान भी आरके सिंह की गिरफ्तारी में अहम रहा, जिसमें उसने कबूला था कि मैंने चेक पर साइन कमिश्नर के कहने पर किए।

हरियाणा सरकार के 8 विभागों के करीब 504 करोड़ रुपए फर्जी एफडी, डेबिट नोट और जाली दस्तावेजों के जरिए निकालकर शेल कंपनियों में ट्रांसफर किए गए। इसी घोटाले में पंचकूला नगर निगम के खाते से भी 79.46 करोड़ रुपए निकालने का आरोप है।

जांच के दौरान पता चला कि आरके सिंह ने करीब 2.5 करोड़ रुपए दुबई में बेटे के बैंक खाते में ट्रांसफर किए थे। एजेंसी ने इस रकम के स्रोत और लेन-देन से जुड़े दस्तावेज मांगे, लेकिन पूछताछ में इसका स्पष्ट ब्योरा नहीं दिया जा सका। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह रकम वैध आय से जुड़ी थी या फिर घोटाले से जुड़े धन का कोई हिस्सा विदेश भेजा गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा