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अब किसानों को वाट्सअप पर मिलेगा क्यूआर-कोड आधारित जे-फार्म

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अब किसानों को वाट्सअप पर मिलेगा क्यूआर-कोड आधारित जे-फार्म


मुख्यमंत्री बोले : अब तक 81 लाख 48 हजार मीट्रिक टन गेहूं की आवक, चार साल में सबसे ज्यादा

प्रदेश की मंडियों से 34 लाख 56 हजार मीट्रिक टन गेहूं का उठान

चंडीगढ़, 25 अप्रैल (हि.स.)। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ऐलान किया कि किसानों को अब व्हाट्सएप के माध्यम से क्यूआर कोड आधारित जे-फार्म मिलेगा, जबकि अगले सीजन से किसान एप लांच किया जाएगा।

सीएम ने यह ऐलान शनिवार को हरियाणा निवास में पत्रकारों से बातचीत के दौरान किया। मुख्यमंत्री ने गेहूं खरीद के आंकड़े पेश करने के साथ विपक्ष को भी घेरा। उन्होंने कहा कि अगले सप्ताह से किसानों को व्हाट्सएप के जरिये क्यूआर कोड आधारित जे फार्म भेजे जाएंगे, ताकि किसानों को ऋण सहित अन्य प्रकार की सुविधा लेने में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले सीजन से किसान एप भी लॉन्च किया जाएगा, जिसमें किसानों को जे-फॉर्म, भुगतान की स्थिति, भूमि बुवाई एवं उपज सत्यापन की स्थिति, गेट पास शेड्यूलिंग (अगली सरसों फसल से प्रारंभ), भूमि सत्यापन की स्थिति तथा सभी सूचनाएं ‘किसान ई-खरीद एप’ में उपलब्ध होंगी। जिससे खरीद कार्य में किसी प्रकार की देरी नहीं होगी।

मुख्यमंत्री ने गेहूं खरीद के आंकड़े पेश करते हुए बताया कि अब तक 81 लाख 48 हजार मीट्रिक टन गेहूं की आवक दर्ज की जा चुकी है, जो पिछले 4 वर्षों में सर्वाधिक है। अकेले 11 अप्रैल को एक ही दिन में 7 लाख 71 हजार मीट्रिक टन गेहूं की रिकॉर्ड आवक हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर इस वर्ष 10 लाख 7 हजार 657 किसान पंजीकृत हैं। सरकार ने किसानों की सुविधा के लिए ई-खरीद पोर्टल और मोबाइल एप के माध्यम से डिजिटल गेट पास और एग्जिट पास की व्यवस्था लागू की है। इस सीजन में अब तक 13 लाख 47 हजार डिजिटल गेट पास जारी किए गए हैं।

5.80 लाख किसान मंडियों में लेकर पहुंचे अपनी उपज

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक 5 लाख 80 हजार किसान अपनी उपज लेकर मंडियों में पहुंच चुके हैं। हर किसान की पहचान डिजिटल गेट पास के माध्यम से सुनिश्चित की जा रही है। इसके साथ ही 79 लाख 14 हजार मीट्रिक टन गेहूं का बायोमेट्रिक सत्यापन हो चुका है, जो लगभग 97 प्रतिशत है। प्रदेश का किसान तकनीक को तेजी से अपना रहा है और पारदर्शी व्यवस्था पर भरोसा जता रहा है। प्रदेश की मंडियों में 70 लाख 23 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद पूरी हो चुकी है, साथ ही प्रदेश की मंडियों से 34 लाख 56 हजार मीट्रिक टन गेहूं का उठान हो चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 18 अप्रैल से उठान प्रक्रिया में और तेजी आई है। प्रतिदिन साढ़े 3 लाख मीट्रिक टन का उठान हो रहा है। पिछले वर्ष से तुलना करते हुए उन्होंने कहा कि रबी सत्र 2025-26 में जहां कुल 72 लाख 89 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई थी। वहीं, इस वर्ष अब तक 81 लाख 48 हजार मीट्रिक टन की आवक हो चुकी है।

प्रदेश की मंडियों से 34 लाख 56 हजार मीट्रिक टन गेहूं का उठान

चंडीगढ़। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ऐलान किया कि किसानों को अब वाट्सअप के माध्यम से क्यूआर कोड आधारित जे-फार्म मिलेगा, जबकि अगले सीजन से किसान एप लांच किया जाएगा। सीएम ने यह ऐलान शनिवार को हरियाणा निवास में पत्रकारों से बातचीत के दौरान किया। मुख्यमंत्री ने गेहूं खरीद के आंकड़े पेश करने के साथ विपक्ष को भी घेरा। उन्होंने कहा कि अगले सप्ताह से किसानों को वाट्सअप के जरिये क्यूआर कोड आधारित जे फार्म भेजे जाएंगे, ताकि किसानों को ऋण सहित अन्य प्रकार की सुविधा लेने में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले सीजन से किसान एप भी लॉन्च किया जाएगा, जिसमें किसानों को जे-फॉर्म, भुगतान की स्थिति, भूमि बुवाई एवं उपज सत्यापन की स्थिति, गेट पास शेड्यूलिंग (अगली सरसों फसल से प्रारंभ), भूमि सत्यापन की स्थिति तथा सभी सूचनाएं ‘किसान ई-खरीद एप’ में उपलब्ध होंगी। जिससे खरीद कार्य में किसी प्रकार की देरी नहीं होगी।

मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर 10.07 लाख किसान पंजीकृत

मुख्यमंत्री ने गेहूं खरीद के आंकड़े पेश करते हुए बताया कि अब तक 81 लाख 48 हजार मीट्रिक टन गेहूं की आवक दर्ज की जा चुकी है, जो पिछले 4 वर्षों में सर्वाधिक है। अकेले 11 अप्रैल को एक ही दिन में 7 लाख 71 हजार मीट्रिक टन गेहूं की रिकॉर्ड आवक हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर इस वर्ष 10 लाख 7 हजार 657 किसान पंजीकृत हैं। सरकार ने किसानों की सुविधा के लिए ई-खरीद पोर्टल और मोबाइल एप के माध्यम से डिजिटल गेट पास और एग्जिट पास की व्यवस्था लागू की है। इस सीजन में अब तक 13 लाख 47 हजार डिजिटल गेट पास जारी किए गए हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा