हरियाणा में बिजली कर्मियों की हड़ताल खत्म
मुख्यमंत्री व ऊर्जा मंत्री के साथ तीन घंटे चली बिजली यूनियनों की बैठक में बनी सहमति
सीएम बोले : बिजली निगम में नहीं होगा निजीकरण, सरकार ने धारा-108 के तहत एचईआरसी को लाइसेंस रद्द करने को लिखा पत्र
चंडीगढ़, 23 अक्टूबर (हि.स.)।
गुरुग्राम और नूंह में बिजली वितरण के लिए निजी कंपनी को पैरलल लाइसेंस देने के विरोध में 40 हजार बिजली कर्मी और इंजीनियरों की तीन दिवसीय हड़ताल 44 घंटे बाद खत्म हो गई है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी व ऊर्जा मंत्री अनिल विज के साथ शुक्रवार को हुई बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा के पदाधिकारियों के साथ हुई बैठक में हड़ताल वापस लेने पर सहमति बनी।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्पष्ट बिजली निगम में नहीं निजीकरण होगा और सरकार ने धारा-108 के तहत एचईआरसी को लाइसेंस रद्द करने को लेकर पत्र लिखेगी।
गुरुग्राम और नूंह में बिजली वितरण के लिए निजी कंपनी को पैरलल लाइसेंस देने के विरोध में बिजली कर्मचारियों ने तीन दिवसीय हड़ताल का ऐलान किया था।
21 अक्टूबर रात्रि 10 बजे से बिजली कर्मी हड़ताल पर चले गए थे। करीब 44 घंटों से बिजली कर्मियों की हड़ताल के चलते बिजली सप्लाई पूरी तरह चरमरा गई थी। 95 प्रतिशत सप्लाई पूरी तरह ठप होने के चलते प्रदेश में ब्लैक आउट की स्थिति बनी हुई थी।
कई जिलों में बिजली गुल होने पर लोगों ने सड़कों पर उतरकर इसका विरोध किया। प्रदेश में बिगड़ते हालातों को देखते हुए सरकार ने बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा को बैठक का न्यौता दिया।
शुक्रवार पंचकूला स्थित पीडब्ल्यूडी विश्राम गृह में ऊर्जा मंत्री अनिल विज के साथ संयुक्त संघर्ष मोर्चा की बैठक शुरू हुई। बैठक में संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने निजीकरण लाइसेंस रद्द करने की मांग रखी और स्पष्ट किया कि जब तक सरकार धारा-108 और 94 का प्रयोग करके एचईआरसी को निजीकरण लाइसेंस रद्द करने का प्रस्ताव नहीं भेजेगी, तब तक हड़ताल जारी रहेगी।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी फरीदाबाद से सीधे पंचकूला पीडब्ल्यूडी विश्राम गृह पहुंचे और संयुक्त संघर्ष मोर्चा के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक में सहमति बनी कि सरकार पैरलल लाइसेंस को रद्द करवाने के लिए धारा-108 और 94 के तहत एचईआरसी को रिव्यू प्रस्ताव भेजेगी। इसके साथ ही, बिजली कर्मियों की अन्य मांगों को लेकर तीन नवंबर को ऊर्जा मंत्री अनिल विज के साथ बैठक होगी।
बिजली विभाग का नहीं होगा निजीकरण : सीएम
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा के साथ बैठक के बाद स्पष्ट किया कि बिजली विभाग में निजीकरण नहीं होगा। सरकार अपने स्टैंड पर अडिग है। एचईआरसी की ओर से जो आदेश पारित किया गया है, उसे रद्द करवाने के लिए सरकार रिव्यू पीटिशन दायर करेगी। सरकार पूरी तरह बिजली कर्मचारियों के साथ खड़ी है। सौहार्द पूर्ण माहौल में हुई बैठक में बिजली कर्मचारियों ने हड़ताल वापस लेने का ऐलान किया है। जल्द ही प्रदेश में बिजली सप्लाई सुचारू होगी।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

