हरियाणा ने देश का पहला विकसित राज्य बनाने का संकल्प लिया:नायब सिंह सैनी
-राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कुरुक्षेत्र में हीरक जयंती समारोह में की शिरकत
-हरियाणा की बेटियां खेत से खेल,सेना से स्टार्टअप तक बढ़ा रही प्रदेश का गौरव
चंडीगढ़, 01 नवंबर (हि.स.)। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा ने अपने गठन के 60 वर्षों में प्रगति का लंबा सफर तय किया है। वर्तमान प्रदेश सरकार ने हरियाणा को देश का पहला विकसित राज्य बनाने का संकल्प लिया है, इसी ध्येय के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत-2047 के विजन को साकार करने में हरियाणा अग्रणी भूमिका निभाएगा।
मुख्यमंत्री रविवार को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र में हरियाणा दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित हीरक जयंती समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। समारोह में हरियाणा के राज्यपाल प्रो असीम कुमार घोष की भी गरिमामयी उपस्थिति रही।
मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति का गीता की पावन धरती पर स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए कहा कि उनका इस ऐतिहासिक समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होना प्रदेशवासियों के लिए गर्व और गौरव का विषय है।
मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति की जीवन यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि ओडिशा के मयूरभंज जिले के छोटे से गांव उपरबेड़ा से देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचने का उनका सफर भारतीय लोकतंत्र की शक्ति और संविधान की गरिमा का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुरुक्षेत्र केवल एक शहर नहीं, बल्कि भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक चेतना का केंद्र है। इसी पावन भूमि पर भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को गीता के माध्यम से कर्तव्य, साहस और लोक कल्याण का दिव्य संदेश दिया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि 1 नवंबर, 1966 को हरियाणा का गठन हुआ था। उस समय प्रदेश को पिछड़े क्षेत्र के रूप में देखा जाता था, लेकिन आज हरियाणा देश के अग्रणी और तेजी से विकास करने वाले राज्यों में शामिल है। यह उपलब्धि प्रदेश के किसानों, मजदूरों, उद्योगपतियों, व्यापारियों, खिलाडिय़ों और माताओं-बहनों के अथक परिश्रम का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा की पहचान मेहनती किसान, बहादुर जवान, धाकड़ खिलाड़ी और सशक्त नारी से है। प्रदेश की बेटियां आज खेतों से लेकर खेल के मैदानों तक, सेना से लेकर स्टार्टअप तक प्रत्येक क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं और प्रदेश का गौरव बढ़ा रही हैं। उन्होंने कहा कि खेलों के क्षेत्र में भी हरियाणा ने अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। राष्ट्रमंडल खेलों में प्रदेश के खिलाडिय़ों ने 11 पदक और एशियाई खेलों में 32 पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया है। जब भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर तिरंगा ऊंचा लहराता है, उसमें हरियाणा की मिट्टी की मेहनत और प्रतिभा की महक होती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा क्षेत्रफल की दृष्टि से देश का छोटा राज्य है, लेकिन आर्थिक सामर्थ्य और उपलब्धियों के मामले में इसकी पहचान बहुत बड़ी है। देश के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल में हरियाणा की हिस्सेदारी मात्र 1.34 प्रतिशत है, जबकि देश की जीडीपी में प्रदेश का योगदान लगभग 3.6 प्रतिशत है। बड़े राज्यों में हरियाणा की प्रति व्यक्ति आय सर्वाधिक है।
उन्होंने कहा कि देश में बनने वाली प्रत्येक तीन में से दो पैसेंजर कारों का उत्पादन हरियाणा में होता है। देश का हर दूसरा ट्रैक्टर और प्रत्येक 10 में से छह मोटरसाइकिलें भी हरियाणा में बनती हैं। इसी प्रकार, भारत के बासमती चावल के निर्यात में हरियाणा का योगदान 60 प्रतिशत से अधिक है। यह उपलब्धियां दर्शाती हैं कि औद्योगिक उत्पादन से लेकर कृषि निर्यात तक हरियाणा देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान कर रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

