नशामुक्त हरियाणा के लिए मुख्यमंत्री सैनी का सात संकल्पों पर जोर
-‘संकल्प’ सोसायटी की पहली बैठक में निर्देश, हर महीने पेश करनी होगी कामकाज की रिपोर्ट-जागरूकता, इलाज और पुनर्वास के साथ युवाओं को खेल व सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने पर फोकस
चंडीगढ़, 13 अक्टूबर (हि.स.)। हरियाणा को नशामुक्त बनाने और प्रदेश की युवा शक्ति को नशे के चंगुल से बचाने के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने व्यापक और समन्वित रणनीति तैयार करने के निर्देश दिए हैं। मंगलवार को ‘संकल्प’ सोसायटी की पहली बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने नशे के खिलाफ अभियान को प्रभावी बनाने, प्रभावित लोगों को उपचार एवं पुनर्वास से जोड़ने और युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों के अवसर उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश को नशामुक्त बनाने के लिए सात प्रमुख संकल्पों पर काम करने का निर्देश दिया। इनमें ड्रग मुक्त थाना क्षेत्र, तस्कर मुक्त जिला, नशीली गोलियों से मुक्त केमिस्ट दुकानें, नशे के खिलाफ परिवारों का सहयोग, उपचार की सुविधा वाले अस्पताल और जागरूकता व काउंसलिंग की व्यवस्था से युक्त स्कूल शामिल हैं। इसके अलावा युवाओं को खेलकूद और अन्य सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने के लिए बेहतर विकल्प उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि हरियाणा को नशामुक्त बनाकर युवाओं का भविष्य सुरक्षित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नशे की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई केवल नशीले पदार्थ बेचने वाले व्यक्ति तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। यह भी पता लगाया जाए कि नशीले पदार्थ कहां से पहुंच रहे हैं और इनके पीछे कौन-सा नेटवर्क सक्रिय है। तस्करी के पूरे नेटवर्क की पहचान कर उसके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जाए।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि ‘संकल्प’ सोसायटी को हर महीने अपने कामकाज के ठोस परिणाम प्रस्तुत करने होंगे। इसके तहत यह आकलन किया जाएगा कि नशे की उपलब्धता कम करने, प्रभावित युवाओं को उपचार से जोड़ने और उन्हें दोबारा नशे की ओर लौटने से रोकने में कितनी सफलता मिली है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार मैराथन, साइक्लोथोन और अन्य जन-जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक कर रही है। हालांकि, अभियान का उद्देश्य केवल जागरूकता फैलाना नहीं, बल्कि नशे की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करना है।
उन्होंने कहा कि नशे की समस्या से प्रभावित प्रत्येक व्यक्ति तक सहायता पहुंचनी चाहिए। युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए उचित मार्गदर्शन, उपचार, पुनर्वास और सकारात्मक अवसर उपलब्ध कराना जरूरी है। इसी उद्देश्य से ‘संकल्प’ सोसायटी का गठन किया गया है।
मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि हरियाणा के युवाओं में अपार क्षमता है। उन्हें सही दिशा, अवसर और सहयोग उपलब्ध कराना सरकार के साथ-साथ समाज की भी जिम्मेदारी है। नशे के खिलाफ इस लड़ाई को सफल बनाने के लिए प्रशासनिक प्रयासों के साथ परिवारों, शिक्षकों, पंचायतों, सामाजिक संस्थाओं और जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है।
उन्होंने सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण बनाने, विद्यार्थियों की काउंसलिंग करने और युवाओं को खेल सहित रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने पर भी जोर दिया, ताकि उन्हें नशे से दूर रहने के लिए बेहतर विकल्प मिल सकें।---------
हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

