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जनता के फीडबैक पर जिला उपायुक्त बनाएं नई पॉलिसी

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जनता के फीडबैक पर जिला उपायुक्त बनाएं नई पॉलिसी


-मुख्यमंत्री ने सभी जिला उपायुक्तों को दिए निर्देश

चंडीगढ़, 09 अक्टूबर (हि.स.)। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने प्रदेश के सभी जिला उपायुक्तों को निर्देश दिए हैं कि वह समाधान शिविर की शिकायतों को स्वयं पढक़र सर्वेक्षण एवं निपटारा करें। यदि कुछ समस्याओं में पॉलिसी बनाने से जनता को राहत मिलती है तो पॉलिसी बनाकर कार्य किया जाएगा। इसके लिए वरिष्ठ अधिकारी 10 दिन में हर जिले से कई तरह के 10 सुझाव अवश्य भेंजे। उन्होंने कहा कि कई समस्याओं में पोलिसी के कारण दिक्कतें आ रही हैं तो वह अधिकारियों की इंटरवेंशन से ही दूर होंगी।

मुख्यमंत्री शुक्रवार को चंडीगढ़ में समाधान प्रकोष्ठ समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाधान शिविर सरकार की फ्लैगशिप योजना है। इसलिए सभी अधिकारी हर जिलों में लगाए जाने वाले शिविरों में आने वाली समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि समाधान की गई शिकायतों में से 40000 शिकायतकर्ताओं से सीधे फोन कर समस्या के समाधान बारे राज्य स्तर पर जानकारी ली गई तथा 11500 शिकायतों का रिओपन होने के बाद निवारण हुआ है। यह बहुत ही सराहनीय कार्य किया गया। उन्होंनेे कहा कि रिओपन प्रतिशत अधिक नहीं होना चाहिए, जिन जिले की 35 प्रतिशत से ज्यादा शिकायतें रिओपन हुई हैं तो वे जिले स्टेट एवरेज में आने के लिए बेहतर कार्य करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारी शिविर में आई समस्याओं को लेकर कोई औपचारिकता न करते हुए, उनका समाधान निकालने का कार्य करें। यदि इन समस्याओं का मौके पर ही समाधान हो जाता है, तो जनता को उनका तत्काल लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने सोनीपत, रोहतक, पानीपत, झज्जर, पंचकूला, सिरसा के उपायुक्तों से बात करते कहा कि उनके समक्ष आने वाली शिकायतों में 10 प्रतिशत शिकायतें रिओपन की गई है। इस पर अधिकारियों ने बताया कि कुछ शिकायतें डिमांड, प्रोप्रटी आईडी एवं पुलिस से संबंधित रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारी शिविर में आई समस्याओं को लेकर कोई औपचारिकता न करते हुए, उनका समाधान निकालने का कार्य करें। यदि इन समस्याओं का मौके पर ही समाधान हो जाता है, तो जनता को उनका तत्काल लाभ मिलेगा। जनता से सीधे मिलें और समस्या बारे विस्तार से जानकारी लें, जिससे उनकी सुनवाई एवं समाधान बेहतर किया जा सकेगा और समस्या दोबारा भी नहीं आएगी। इसलिए समाधान शिविर में आए व्यक्ति की समस्या के निवारण करने के कार्य में तेजी लाए।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा