हरियाणा में सीईटी के आधार पर होगी ग्रुप डी की भर्तियां
चंडीगढ़, 14 मई (हि.स.)। हरियाणा सरकार ने ग्रुप-डी कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया में बड़ा बदलाव करते हुए नया चयन मानदंड लागू कर दिया है। मानव संसाधन विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, अब ग्रुप-डी पदों पर भर्ती पूरी तरह कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट के अंकों के आधार पर की जाएगी।
नई अधिसूचना के अनुसार, ग्रुप-डी पदों के लिए उम्मीदवारों का चयन और सिफारिश, उन पदों को छोडक़र जिनकी न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता मैट्रिक से कम है, केवल सामान्य पात्रता परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर होगी। सीईटी स्कोर को ही 100 प्रतिशत वेटेज दिया जाएगा। सरकार ने सीईटी के पाठ्यक्रम को दो भागों में विभाजित किया है। पहला, 75 प्रतिशत अंक, सामान्य जागरूकता, तर्कशक्ति, गणितीय योग्यता, अंग्रेजी, हिंदी और संबंधित विषय। और दूसरा 25 प्रतिशत अंक, हरियाणा का इतिहास, समसामयिक घटनाएं, साहित्य, भूगोल, पर्यावरण और संस्कृति। ग्रुप-डी पदों के लिए प्रश्नपत्र का स्तर मैट्रिक (10वीं) के समकक्ष होगा।
अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि जिन अभ्यर्थियों ने 12 जनवरी 2024 को आयोजित ग्रुप-डी सीईटी परीक्षा पास की थी और जिसकी वैधता 11 जनवरी 2027 तक है, उनके अंकों को भी अधिकतम 95 अंकों के सापेक्ष प्रतिशत में परिवर्तित किया जाएगा। साथ ही भविष्य में आयोजित सीईटी में सफल अभ्यर्थियों के अंकों को भी इसी आधार पर सामान्यीकृत कर संयुक्त मेरिट सूची तैयार की जाएगी। हरियाणा सरकार ने यह संशोधन हरियाणा ग्रुप-डी कर्मचारी (भर्ती तथा सेवा की शर्तें) अधिनियम, 2018 की द्वितीय अनुसूची में बदलाव कर किया है। यह नियम गजट में प्रकाशित होने की तिथि से प्रभावी माना जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

