हरियाणा में एटीएस का गठन: पंचकूला बना मुख्यालय, आईजीपी करेंगे नेतृत्व
चंडीगढ़, 11 जून (हि.स.)। हरियाणा सरकार ने आतंकवाद से
निपटने के लिए एंटी टेररिज्म स्क्वॉड (एटीएस) का गठन कर दिया है। अब आतंकवाद से
जुड़े मामलों की जांच सामान्य पुलिस व्यवस्था के बजाय एटीएस द्वारा की
जाएगी। गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल की ओर से गुरुवार
को जारी अधिसूचना के मुताबिक एटीएस को अपराध अन्वेषण विभाग (सीआईडी)
के भीतर एक विशेषीकृत एजेंसी के रूप में स्थापित किया गया है।
एटीएस
का मुख्यालय पंचकूला में होगा और इसका नेतृत्व पुलिस महानिरीक्षक
(आईजीपी) रैंक के अधिकारी करेंगे। यह अधिकारी सीआईडी प्रमुख
के माध्यम से सीधे पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को रिपोर्ट करेगा। अधिसूचना के
अनुसार एटीएस के गठन का उद्देश्य पुलिस सेवा की दक्षता बढ़ाना, आतंकवाद से मुकाबला
करना और आतंकवाद से जुड़े मामलों का प्रभावी निपटान सुनिश्चित करना है। बदलते
सुरक्षा परिदृश्य में आतंक से जुड़े नेटवर्क, डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल, राज्यों के बीच
आवाजाही और संवेदनशील संस्थानों की सुरक्षा जैसी चुनौतियां बढ़ी हैं।
ऐसे मामलों में सामान्य पुलिस तंत्र के बजाय विशेष
प्रशिक्षण,
अलग
इंटेलिजेंस समन्वय और तेज जांच तंत्र की जरूरत महसूस की जा रही थी। राज्य सरकार ने
एटीएस गठन के साथ दो विशेष पुलिस थानों की भी अधिसूचना जारी कर दी है, ताकि आतंकवाद से जुड़े
अपराधों की जांच का स्पष्ट अधिकार क्षेत्र तय हो सके। एटीएस के पंचकूला
पुलिस थाने के अंतर्गत 15 जिले तथा गुरुग्राम पुलिस थाने के अंतर्गत आठ जिले आते
हैं। पंचकूला को मुख्यालय बनाने का फैसला भी रणनीतिक माना जा रहा है, क्योंकि यहां पहले से
पुलिस और प्रशासनिक ढांचे की प्रमुख इकाइयां मौजूद हैं और उत्तर हरियाणा के
संवेदनशील इलाकों तक पहुंच अपेक्षाकृत तेज है।
पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल द्वारा यह प्रस्ताव तैयार कर राज्य सरकार को भेजा गया था,जिसकी अधिसूचना जारी होते ही राज्य की सुरक्षा संरचना को नई मजबूती प्राप्त हुई है। एटीएस का नेतृत्व पुलिस महानिरीक्षक स्तर के अधिकारी द्वारा किया जाएगा तथा यह सीआईडी के कमांड एवं नियंत्रण में कार्य करेगी। इसकी संरचना आधुनिक सुरक्षा चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए बहुस्तरीय बनाई गई है। इसमें एनएसजी की तर्ज पर एक अत्यंत प्रशिक्षित विशेष कमांडो बल शामिल होगा, जो त्वरित कार्रवाई और संवेदनशील अभियानों को अंजाम देगा। खुफिया एवं संचालन शाखा आतंकवादी संगठनों की पहचान, निगरानी और गिरफ्तारी के लिए उत्तरदायी होगी। आतंकवाद और उससे संबंधित अपराधों की विशेष जांच के लिए एक समर्पित एटीएस पुलिस स्टेशन स्थापित किया जाएगा, जिसमें कानूनी, वित्तीय जांच तथा फॉरेंसिक इकाइयां कार्य करेंगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

