home page

हरियाणा के 17 जिलों में खुलेंगी 350 अटल लाइब्रेरी

 | 

चंडीगढ़, 08 जून (हि.स.)। हरियाणा के गांव अब केवल चौपाल और पंचायत तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि पढ़ाई, प्रतियोगी तैयारी और डिजिटल सीख का नया पता बनने जा रहे हैं। ग्रामीण युवाओं और विद्यार्थियों को शहरों जैसी अध्ययन सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। मंगलवार (9 जून) को प्रदेश के 17 जिलों में एक साथ 350 नई अटल लाइब्रेरी शुरू की जाएंगी।करीब 44 करोड़ रुपये की लागत से तैयार की जा रही यह पहल सिर्फ लाइब्रेरी खोलने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य गांवों में अध्ययन संस्कृति को मजबूत करना और युवाओं को प्रतिस्पर्धी माहौल उपलब्ध कराना है। सरकार ने इसके लिए नया मॉडल अपनाया है। नए भवन बनाने के बजाय ग्राम पंचायतों के ऐसे भवनों और कमरों को चुना गया है जो खाली पड़े थे या सीमित उपयोग में आ रहे थे। इन लाइब्रेरी में स्कूल पाठ्यक्रम से जुड़ी पुस्तकों के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी सामग्री, सामान्य ज्ञान, व्यक्तित्व विकास, सूचना प्रौद्योगिकी, कौशल विकास और बच्चों के लिए विशेष साहित्य उपलब्ध रहेगा। साथ ही डिजिटल संसाधनों और ऑनलाइन अध्ययन के लिए भी सुविधाएं विकसित की जाएंगी ताकि गांव का विद्यार्थी भी बदलते शिक्षा मॉडल से जुड़ सके। इससे पहले 25 दिसंबर, 2025 को अटल सुशासन दिवस के अवसर पर 250 अटल लाइब्रेरी शुरू की गई थी, जबकि बाद में विभिन्न जिलों में 268 और लाइब्रेरी संचालन में लाई गईं। अब 350 नई इकाइयों के साथ यह नेटवर्क और व्यापक होने जा रहा है। जिलों की बात करें तो इस चरण में सबसे अधिक 49 लाइब्रेरी रेवाड़ी जिले में शुरू होंगी। इसके बाद करनाल में 45 और भिवानी में 36 लाइब्रेरी शुरू की जाएंगी।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा