हरियाणा:दो लाख 23 हजार करोड़ का बजट पेश, कोई नया कर नहीं
चंडीगढ़, 02 मार्च (हि.स.)। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने बतौर वित्त मंत्री सोमवार को वर्ष 2026-27 के लिए 2 लाख 23 हजार 658.17 करोड़ रुपये का वार्षिक बजट पेश किया। इस बजट में शिक्षा, कृषि और बुनियादी ढांचा विकास को प्राथमिकता दी गई है।
बजट में 29 हजार 266.62 करोड़ रुपये ब्याज अदायगी राशि के रूप में रखे गए हैं। इसके अलावा पेंशन के लिए 17 हजार 430 करोड़ रुपये आरक्षित रखे गए हैं। वित्त मंत्री ने बजट पेश करते हुए बताया कि 13 बजट पूर्व बैठकों के माध्यम से कुल 2199 सुझाव तथा एआई चैटबॉट से 12 हजार 400 सुझाव प्राप्त हुए हैं। इनमें से पांच हजार सुझावों को बजट में शामिल किया गया है।
वित्त मंत्री ने बताया कि बजट बनाते समय जहां विजन डाक्यूमेंट 2047 का ध्यान रखा गया है वहीं पांच बिंदुओं का प्रभाव वर्ष 2031 तक के वार्षिक बजट में मिलेग, जबकि सात बिंदु चालू वित्त वर्ष से संबंधित हैं। वित्त मंत्री ने कहा कि अगामी सभी बजट जेंडर बेसड और वृद्धजन आधारित होंगे। अगले बजट से सभी विभाग एक निश्चित भाग महिलाओं और वृद्धजनों के लिए आरक्षित किया जाएगा। वार्षिक बजट के अनुसार, प्रदेश का राजस्व घाटा बढ़कर 13188.05 करोड़ हो गया है। बजट का खास बात यह है कि वित्त मंत्री ने प्रदेश के लगभग सभी विभागों के लिए घोषणाएं की हैं। हरियाणा के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब कुल बजट का 98 प्रतिशत हिस्सा खर्च हो चुका है।
विभागवार बजट आवंटन (करोड़ रुपये में)
कृषि सेवाएं 8319.77 करोड़
पर्यावरण एव वंन 0741.55 करोड़
सहकारिता 1970.00 करोड़
शिक्षा एवं खेल 23603.69 करोड़
युवा सशक्तिकरण एव उद्यमिता 01512.21 करोड़
स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा 14007.28 करोड़
गृह, सिविल डिफेंस 8475.01 करोड़
ऊर्जा 6868.00 करोड़
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता 17250.72 करोड़
महिला एवं बाल विकास 2263.29 करोड़
विकास एवं पंचायत विभाग 8703.74 करोड़
परिवहन एवं सिविल एविएशन 4116.13 करोड़
टाउन एंड कंट्री प्लानिंग, निकाय 6797.57 करोड़
उद्योग एवं वाणिज्य 1950.92 करोड़
सिंचाई एवं जल संसाधन 6446.57 करोड़
पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग 5912.02 करोड़
पीडब्ल्यूडी 5893.66 करोड़
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन 4024.28 करोड़
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

