हरियाणा: नशा तस्करी केसों की सुनवाई को सात जिलों में 13 नई फास्ट ट्रैक कोर्ट बनी
चंडीगढ़, 18 जून (हि.स.)। हरियाणा सरकार ने राज्य में नशा तस्करी के खिलाफ बड़ी कानूनी कार्रवाई करते हुए सात जिलों में 13 नई फास्ट ट्रैक अदालतों का गठन किया है। संबंधित जिलों में अपर सत्र न्यायाधीश के न्यायालयों को फास्ट ट्रैक कोर्ट में बदला गया है और इन न्यायालायों के न्यायाधीश इन फास्ट ट्रैक कोर्ट के विशेष न्यायाधीश होंगे। जिन जिलों में फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन हुआ है, वहां नशे की तस्करी से जुड़े केसों की त्वरित सुनवाई संभव हो सकेगी।यह फास्ट ट्रैक कोर्ट फरीदाबाद, गुरुग्राम, पंचकूला, रोहतक व यमुनानगर में एक-एक होगी, जबकि सिरसा जिले में छह फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाई गई हैं। फतेहाबाद जिले में दो फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया गया है। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देश पर यह फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित की गई हैं। न्याय प्रशासन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल द्वारा गुरुवार को जारी अधिसूचना के अनुसार सिरसा जिले में सबसे अधिक छह अतिरिक्त एवं सत्र न्यायाधीशों की अदालतों को अन्य स्थापित अधिकारी एवं मनोभावी फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय के रूप में अधिसूचित किया गया है। इन अदालतों में मुख्य रूप से नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) अधिनियम से जुड़े मामलों की सुनवाई होगी।
नई अदालतों के गठन से इन मामलों के त्वरित निपटारे, दोषियों को शीघ्र सजा और पीडि़तों को जल्द न्याय मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। हरियाणा सरकार का यह कदम केवल न्यायिक व्यवस्था का विस्तार नहीं, बल्कि नशा मुक्त हरियाणा अभियान को कानूनी मजबूती देने वाला महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है। यदि इन अदालतों में मामलों का समयबद्ध निपटारा होता है तो नशा तस्करी के खिलाफ राज्य की लड़ाई को बड़ा बल मिल सकता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

