यमुनानगर:निजी अस्पताल में महिला की मौत पर परिजनों ने किया हंगामा
यमुनानगर, 03 अगस्त (हि.स.) यमुनानगर के एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान 60 वर्षीय महिला की मृत्यु के बाद परिजनों ने अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। परिजनों ने चिकित्सक पर इलाज में लापरवाही, समय रहते उच्च चिकित्सा संस्थान में रेफर न करने और गलत उपचार करने के आरोप लगाए हैं। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया।
शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच शिकायत और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर की जा रही है। मृतका की पहचान जगाधरी वर्कशॉप निवासी मनविंद्र कौर (60) के रूप में हुई है। वह पांच बच्चों की मां थीं। उनके पति परविंद्र सिंह के अनुसार, नवंबर 2025 में गर्भाश्य संबंधी बीमारी के चलते उनका इसी निजी अस्पताल में ऑपरेशन हुआ था। उनका आरोप है कि इसके बाद भी स्वास्थ्य में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ और अलग-अलग समय पर तीन बार और शल्य चिकित्सा की गई।
परिजनों का कहना है कि 27 जुलाई को महिला की तबीयत फिर बिगड़ने पर उन्हें दोबारा अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनका आरोप है कि गंभीर स्थिति के बावजूद मरीज को पीजीआई जैसे बड़े अस्पताल में रेफर नहीं किया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अल्ट्रासाउंड के नाम पर महिला को अंदर ले जाया गया, लेकिन बाद में ऑपरेशन कर दिया गया, जिसके बाद उनकी हालत और बिगड़ गई।
सोमवार सुबह महिला की मृत्यु के बाद परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया और चिकित्सक पर सवाल उठाए। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि उपचार को लेकर सवाल पूछने पर उन्हें धमकाया गया। दूसरी ओर, संबंधित चिकित्सक ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि महिला पहले से मधुमेह की मरीज थीं तथा उन्हें पूर्व में मस्तिष्क की रक्तवाहिका फटने की गंभीर समस्या भी हो चुकी थी। डॉक्टर के अनुसार, उनकी वर्तमान स्थिति का हालिया ऑपरेशन से कोई संबंध नहीं था। उन्होंने दावा किया कि सोमवार सुबह उल्टी सांस की नली में चले जाने के कारण उनकी मृत्यु हुई।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार

