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हुड्डा ने की कानून व्यवस्था के मुद्दे पर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग

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भाजपा ने हरियाणा में बिहार से भी बदतर कर दिया कानून व्यवस्था का हालः पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा

चंडीगढ़, 04 जून (हि.स.)। नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने अपराध, महिलाओं के खिलाफ बढ़ती वारदातों और आत्महत्या के मामलों का हवाला देते हुए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग की।

सेक्टर-7 स्थित सरकारी आवास पर गुरुवार काे पत्रकारों से बातचीत करते हुए हुड्डा ने कहा कि खुद केंद्र सरकार के सामाजिक प्रगति सूचकांक में हरियाणा को देश का सबसे असुरक्षित राज्य घोषित किया गया है। एनसीआरबी की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, ऑर्गेनाइज्ड क्राइम के मामलों में हरियाणा पूरे देश में टॉप चार में है। महिलाओं के खिलाफ अपराध में हरियाणा मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्यों की श्रेणी में है।

हरियाणा में 2024 में 1391 महिलाओं के साथ बलात्कार की घटनाएं सामने आईं, जबकि बिहार जैसे बड़े राज्य में मात्र 1165 ही दर्ज हुईं। यानी हरियाणा में बिहार से भी बदतर हालात हो चुके हैं। प्रदेश में रोज 3 हत्याएं और 4 रेप की वारदातें होती हैं। प्रदेश में अपराध और बेरोजगारी की स्थिति यह है कि सिर्फ एक साल के भीतर 3360 लोगों ने आत्महत्या कर ली, यानी रोज 9 से ज्यादा लोग आत्महत्या कर रहे हैं।

भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि भाजपा ने कानून व्यवस्था का भाजपा ने ऐसा हाल बना दिया है कि आज कोई भी व्यक्ति बदमाशों का शिकार हुए बिना नहीं बच पा रहा है। आज एक्टर, डॉक्टर, लीडर से लेकर बिजनेसमैन तक सभी गोलीबारी, धमकी और फिरौती जैसी वारदातों के शिकार हो चुके हैं।

नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र हुड्डा ने कहा कि भाजपा सरकार कानून व्यवस्था, एसवाईएल और नई विधानसभा को लेकर गंभीर नहीं है। मुख्यमंत्री बार-बार पंजाब तो जाते हैं, लेकिन वो कभी भी हरियाणा के पानी और बाकी मुद्दों की बात नहीं करते। कच्चे कर्मचारियों और गेस्ट टीचर्स को लेकर आए अदालत के फैसले का हुड्डा ने स्वागत किया। उन्होंने कहा कि खुद कोर्ट ने कांग्रेस सरकार की रेगुलराइजेशन की नीति पर मुहर लगा दी है। कांग्रेस की बनाई नीति के चलते हजारों गेस्ट टीचर्स और अन्य कच्चे कर्मचारी पक्के होने जा रहे हैं। जबकि बीजेपी सरकार आज तक ऐसी नीति नहीं बना पाई, जिससे कच्चे कर्मचारियों को लाभ हो और उनका भविष्य सुरक्षित हो।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा