जींद : समाज और राष्ट्र के समग्र उत्थान के लिए केवल विचार नहीं व्यवहार में परिवर्तन आवश्यक : जितेंद्र चहल
जींद, 28 फ़रवरी (हि.स.)। शहर के संत नगर स्थित श्रीराधा कृष्ण मंदिर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के तत्वावधान में हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्यातिथि के तौर पर वार्ड नंबर आठ के पार्षद गुलशन परुथी ने तथा मुख्य वक्ता के तौर पर ग्राम विकास गतिविधि के विभाग संयोजक जितेंद्र चहल ने शिरकत की। कार्यक्रम की अध्यक्षता गुलशन ने की। शनिवार को हुए कार्यक्रम में स्थानीय लोगों तथा धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों के लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्जवलन के साथ हुआ। कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने सामाजिक सद्भाव व पंच परिवर्तन पर विस्तार से चर्चा की।
मुख्य वक्ता जितेंद्र चहल ने पंच परिवर्तन विषय पर अपने विचार रखते हुए कहा कि समाज और राष्ट्र के समग्र उत्थान के लिए केवल विचार नहीं बल्कि व्यवहार में परिवर्तन आवश्यक है। अपने उद्बोधन में उन्होंने बताया कि पंच परिवर्तन का अर्थ है जीवन के पांच महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव लाना, जिससे परिवार, समाज और राष्ट्र सशक्त बन सके। उन्होंने कहा कि समाज में जाति, वर्ग और क्षेत्र के भेदभाव को समाप्त कर समरसता और भाईचारे की भावना को मजबूत करना समय की आवश्यकता है। सभी हिंदुओं को एकजुट होकर सामाजिक एकता का उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए। जितेंद्र चहल ने परिवार को समाज की मूल इकाई बताते हुए कहा कि संस्कारों की शुरुआत घर से होती है। माता-पिता को बच्चों में नैतिकताए अनुशासन और भारतीय संस्कृति के मूल्यों का संचार करना चाहिए। उन्होंने प्रकृति के संरक्षण को धार्मिक कर्तव्य बताते हुए कहा कि जल, भूमि, वायु और वनस्पति की रक्षा करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। पौधारोपण और स्वच्छता जैसे कार्यों को जनआंदोलन बनाना चाहिए। उन्होंने स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने पर जोर दिया। आत्मनिर्भर भारत की दिशा में छोटे व्यापारियों और कारीगरों का सहयोग करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण में हर व्यक्ति की भूमिका महत्वपूर्ण है। कानून का पालनए सामाजिक सेवा और मतदान जैसे कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन करना ही सच्ची राष्ट्रभक्ति है। जितेंद्र चहल ने उपस्थित जनसमूह से आह्वान किया कि वे पंच परिवर्तन के इन सिद्धांतों को अपने दैनिक जीवन में अपनाकर समाज में सकारात्मक बदलाव का मार्ग प्रशस्त करें।
हिन्दुस्थान समाचार / विजेंद्र मराठा

