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हरियाणा में महंगी नहीं होगी बिजली, लाखाें उपभाेक्ताओं काे राहत

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चंडीगढ़, 25 मार्च (हि.स.)। हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग ने प्रदेश के लाखों उपभोक्ताओं को राहत देते हुए नए वित्त वर्ष में बिजली की दरें नहीं बढ़ाने का फैसला लिया है। प्रदेश में पहले से लागू बिजली की दरें वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान लागू रहेंगी। इस फैसले से प्रदेश के 83 लाख 79 हजार 739 उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलेगा। नया टैरिफ 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा।

आयोग ने यह निर्णय उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (यूएचबीवीएनएल) और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएनएल) द्वारा दायर वार्षिक राजस्व आवश्यकता (एआरआर) याचिकाओं पर विस्तृत सुनवाई के बाद लिया। दोनों डिस्कॉम्स ने लगभग 4,484.71 करोड़ रुपये के राजस्व घाटे का अनुमान प्रस्तुत किया था, इसके बावजूद आयोग ने उपभोक्ताओं पर किसी भी प्रकार का अतिरिक्त बोझ नहीं डालने का फैसला किया।

जनसुनवाई के दौरान सभी श्रेणियों के उपभोक्ताओं ने एक स्वर में बिजली दरों में किसी प्रकार की वृद्धि नहीं करने की बात कही। इसी के मद्देनजर आयोग ने राजस्व संग्रह में सुधार, बकाया प्रबंधन, बिजली खरीद के अनुकूलन तथा हानियों में कमी पर जोर देते हुए एआरआर को राजस्व-न्यूट्रल रखा है।

एचईआरसी के अध्यक्ष नंद लाल शर्मा तथा सदस्य मुकेश गर्ग और शिव कुमार ने 25 मार्च को इस टैरिफ आदेश पर हस्ताक्षर किए। आदेश जारी करने से पहले आयोग ने व्यापक परामर्श प्रक्रिया अपनाई। 8 जनवरी को पंचकूला स्थित एचईआरसी कोर्ट रूम में जनसुनवाई आयोजित की गई, इसके बाद गुरुग्राम, पानीपत, हिसार और यमुनानगर में फील्ड हियरिंग्स की गईं, जहां उपभोक्ताओं, उद्योग प्रतिनिधियों और अन्य हितधारकों ने अपने सुझाव प्रस्तुत किए।

आयोग ने बिजली क्षेत्र में दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण निर्देश भी जारी किए हैं। हरियाणा पावर परचेज सेंटर (एचपीपीसी) के पुनर्गठन और सुदृढ़ीकरण पर विशेष बल दिया गया है, ताकि बिजली खरीद प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और किफायती बन सके। वर्तमान में अधिकतम और न्यूनतम मांग के बीच लगभग 3,000 से 5,000 मेगावाट का अंतर है।

यूएचबीवीएनएल के वितरण नुकसान को 9.30 प्रतिशत निर्धारित किया गया है, जो प्रस्तावित 9.85 प्रतिशत से कम है। आयोग ने डिस्कॉम्स को निर्देश दिया है कि वे सर्कल स्तर के बजाय उन फीडरों पर विशेष ध्यान दें जहां एटीएंडसी लॉस अधिक है, ताकि सूक्ष्म स्तर पर सुधार सुनिश्चित किया जा सके।

आयोग ने कृषि क्षेत्र के लिए 7,870.32 करोड़ रुपये की राज्य सरकार सब्सिडी का प्रावधान रखा है। इसके तहत किसानों को 7.48 रुपये प्रति यूनिट की वास्तविक लागत के मुकाबले केवल 0.10 रुपये प्रति यूनिट का भुगतान करना होगा, जिससे कृषि उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलेगी।

इसके अलावा, 31 दिसंबर 2023 तक 10 बीएचपी तक के ट्यूबवेल कनेक्शन के लिए आवेदन करने वाले किसानों को बिना वरिष्ठता प्रभावित किए अपने लोड में वृद्धि करने की अनुमति दी गई है। यह सुविधा 31 मई 2026 तक एकमुश्त अवसर के रूप में उपलब्ध रहेगी। हालांकि, जिन उपभोक्ताओं ने पहले ही सोलर ट्यूबवेल कनेक्शन ले लिया है, वे इसके पात्र नहीं होंगे।

इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए पंचकूला, फरीदाबाद, पानीपत, करनाल और गुरुग्राम में ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, यूएचबीवीएनएल को अपने मौजूदा चार्जिंग स्टेशन को दो माह के भीतर चालू करने के लिए कहा गया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा