जींद में आया डेंगू का पहला केस, स्वास्थ्य विभाग हुआ अलर्ट
जींद, 20 अगस्त (हि.स.)। जींद शहर में डेंगू और मलेरिया के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाया। शहर में इस वर्ष गुरूवार को डेंगू का पहला मामला सामने आने के बाद विभाग ने विकास नगर सहित करीब दर्जनभर कॉलोनियों और स्कूलों में पहुंच कर लोगों को मच्छरजनित बीमारियों से बचाव के उपाय बताए। इस दौरान स्वास्थ्य कर्मचारियों ने घर-घर जाकर लोगों को जागरूक किया और बुखार से पीडि़त 15 लोगों के रक्त के नमूने जांच के लिए भेजे।
सिविल सर्जन डा. सुमन कोहली के मार्गदर्शन में चलाए गए अभियान के दौरान स्वास्थ्य कर्मचारियों ने लोगों को बरसात के मौसम में होने वाली बीमारियों के प्रति सावधानी बरतने की जानकारी दी। मच्छरजनित बीमारियों के अलावा स्वास्थ्य टीमों ने लोगों की मधुमेह, उच्च रक्तचाप और खून की कमी की भी जांच की। जिन लोगों में मधुमेह का स्तर सामान्य से अधिक पाया गया। उन्हें समय पर चिकित्सकीय सलाह और उपचार लेने के लिए जागरूक किया गया। वहींए खून की कमी पाए जाने वाले लोगों को आयरन की गोलियां नियमित रूप से लेने के लिए प्रेरित किया गया। अभियान के दौरान स्वास्थ्य कर्मचारियों ने बुखार से पीडि़त 15 लोगों की जांच के लिए रक्त के नमूने लिए और उन्हें जांच के लिए भेजा।
स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने लोगों को समझाया कि तेज बुखार या अन्य लक्षण होने पर खुद से दवा लेने के बजाय स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर जांच करवानी चाहिए। दूषित पानी से होने वाली बीमारियों से बचाव के लिए भी लोगों को जागरूक किया गया। स्वास्थ्य कर्मचारियों ने पानी को साफ करने के लिए क्लोरीन की गोलियां, ओआरएस और जिंक की गोलियां वितरित कीं। इसके अलावा पीने के पानी के नमूने भी लिए गएए जिन्हें जांच के लिए भेजा गया।
जिला स्वास्थ्य निरीक्षक राममेहर वर्मा ने अभियान का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य कर्मचारियों ने घर-घर जाकर लोगों को मच्छरों की रोकथाम के उपाय बताए। उन्होंने कहा कि डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया से बचाव के लिए सबसे जरूरी है कि घर और आसपास पानी जमा न होने दिया जाए। उन्होंने लोगों से अपील की कि घरों के आसपास पड़े गड्ढों, खाली टायरों, गमलों और अन्य स्थानों पर पानी जमा न होने दें।
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हिन्दुस्थान समाचार / विजेंद्र मराठा

