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कैथल: उपभोक्ता आयोग ने बैंक को उपभाेक्ता के खाते से काटे 8850 रुपये लौटाने के दिए आदेश

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कैथल, 15 अक्टूबर (हि.स.)। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने गुरुवार काे एचडीएफसी बैंक को उपभोक्ता को राहत देते हुए खाते से काटी गई 8850 रुपये की प्रोसेसिंग फीस वापस करने और 2000 रुपये मुआवजा देने के निर्देश दिए हैं। यह मामला एडवोकेट हरपाल दूहन की शिकायत से जुड़ा है, जिन्होंने 17 सितंबर 2025 को जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत दायर की थी।

शिकायतकर्ता के अनुसार, उन्होंने एचडीएफसी बैंक से 25 लाख रुपये का ऋण लेने के लिए संबंधित कर्मचारी के पास सभी आवश्यक दस्तावेज जमा करवाए थे। हालांकि, बैंक की ओर से उनका ऋण स्वीकृत नहीं किया गया। इसके बावजूद 30 सितंबर 2024 को उनके खाते से फाइल चार्ज के नाम पर 8,850 रुपये काट लिए गए। उनका आरोप था कि बैंक ने इस राशि को काटने से पहले कोई सूचना नहीं दी और न ही राशि काटने का उचित आधार या स्पष्टीकरण दिया। एचडीएफसी बैंक ने आयोग के समक्ष अपना पक्ष रखते हुए कहा कि ऋण आवेदन के समय ही प्रोसेसिंग फीस की जानकारी आवेदन पत्र में दी गई थी। बैंक के अनुसार, शिकायतकर्ता ने 25 लाख रुपये के ऋण के लिए आवेदन किया था और आवेदन के दौरान 7500 रुपये तथा लागू कर सहित कुल 8850 रुपये प्रोसेसिंग फीस के रूप में जमा करवाए थे। बैंक ने यह भी दलील दी कि ऋण के लिए संबंधित संपत्ति उसके निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं थी। इस कारण ऋण स्वीकृत नहीं किया गया और 18 नवंबर 2024 को ऋण आवेदन बंद कर दिया गया।

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जिला उपभोक्ता आयोग की पीठासीन सदस्य हरीशा मेहता और सदस्य रमेश कुमार ने मामले में बैंक की कार्यप्रणाली को सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार की श्रेणी में माना। आयोग ने प्रोसेसिंग फीस को अनुचित करार देते हुए बैंक को शिकायतकर्ता की 8,850 रुपये की राशि लौटाने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, उपभोक्ता को हुई परेशानी के लिए 2000 रुपये मुआवजा देने के आदेश भी पारित किए गए।

हिन्दुस्थान समाचार / पंकज अत्रे