हरियाणा विधानसभा का एक दिवसीय सत्र 27 अप्रैल को
-कांग्रेस के खिलाफ आ सकता है निंदा प्रस्ताव
चंडीगढ़, 22 अप्रैल (हि.स.)। हरियाणा विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र 27 अप्रैल को बुलाया जाएगा। इस सत्र के दौरान प्रशासनिक व राजनीतिक मुद्दे पर भी चर्चा की जाएगी। सरकार की तरफ से राजनीतिक एजेंडे का अधिकारिक रूप से ऐलान नहीं किया गया है। यह फैसला मुख्यमंत्री नायब सैनी की अध्यक्षता में बुधवार को गुरुग्राम में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया।
बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री नायब सैनी ने 16 और 17 अप्रैल को संसद में हुई घटनाओं का ज़िक्र किया। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं ने देश के सामने विपक्षी दलों का असली चेहरा बेनकाब कर दिया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने खुद को महिला-विरोधी और सत्ता का भूखा साबित कर दिया है। इन दिनों को देश के इतिहास में एक 'काला अध्याय' के तौर पर याद किया जाएगा। मुख्यमंत्री के अनुसार, विपक्षी दलों ने ऐतिहासिक रूप से महिलाओं को महज़ एक 'वोट बैंक' के तौर पर इस्तेमाल किया है, जबकि उन्हें फ़ैसले लेने की प्रक्रियाओं में सार्थक भागीदारी से वंचित रखा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की टिप्पणियों का हवाला देते हुए सैनी ने कहा कि महिलाओं की भागीदारी कोई 'दान' नहीं, बल्कि उनका 'अधिकार' है। उन्होंने परिसीमन को लेकर विपक्ष के दावों को भी खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पहले ही तथ्यों के साथ यह साफ़ कर चुके हैं कि किसी भी राज्य के प्रतिनिधित्व में कोई कमी नहीं की जाएगी। सैनी ने ज़ोर देकर कहा कि आने वाले समय में महिला मतदाता ऐसी राजनीति का कड़ा जवाब देंगी। सैनी ने कहा कि महिलाएं अपनी वोट की ताक़त का इस्तेमाल करके उन दलों को करारा जवाब देंगी जो उनके सशक्तिकरण का विरोध करते हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

