हरियाणा परिवार पहचान प्राधिकरण के माध्यम से 2.36 करोड़ प्रमाण-पत्र जारी
चंडीगढ़, 22 मई (हि.स.)। हरियाणा परिवार पहचान प्राधिकरण के माध्यम से अब तक विभिन्न विभागों के लगभग दाे करोड़ 36 लाख प्रमाण पत्र एवं सेवाएं नागरिकों को घर बैठे उपलब्ध करवाई जा चुकी हैं।
सरकारी प्रवक्ता ने शुक्रवार को बताया कि जून, 2020 में आरम्भ की गई परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) योजना के अंतर्गत प्रदेश के परिवारों से संबंधित एक विश्वसनीय डेटाबेस तैयार किया गया है, जिसके आधार पर राज्य की भावी विकास नीतियां निर्मित की जा सकेंगी तथा पात्र नागरिकों को सरकारी योजनाओं का लाभ घर बैठे सुनिश्चित किया जा सकेगा।
नागरिक संसाधन सूचना विभाग के आयुक्त एवं सचिव जे.गणेशन ने बताया कि इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु अक्तूबर, 2021 में हरियाणा परिवार पहचान प्राधिकरण का गठन किया गया, जो परिवार पहचान संख्या जारी करने तथा परिवार सूचना डेटा भंडार के विकास, संशोधन एवं रखरखाव संबंधी कार्य सुनिश्चित करता है।
प्राधिकरण के डेटा के आधार पर अब तक नागरिकों को लगभग 37+ लाख आय प्रमाण पत्र, 21+ लाख पिछड़ा वर्ग प्रमाण पत्र, 23+ लाख अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र, 8.5 लाख अन्य पिछड़ा वर्ग प्रमाण पत्र, 39.76 लाख सार्वजनिक वितरण प्रणाली राशन कार्ड तथा 82 लाख पात्र लाभार्थियों को आयुष्मान कार्ड जारी किए जा चुके हैं।
इसी प्रकार, 9.7 लाख वृद्धावस्था सम्मान पेंशन, 93 हजार विधवा पेंशन, 11.21 लाख लाडो लक्ष्मी योजना, 56 हजार दिव्यांग पेंशन, 1 लाख विधुर एवं अविवाहित पेंशन, 1.23 लाख विवाह शगुन योजना, 16 हजार आपकी बेटी हमारी बेटी योजना तथा 57 हजार से अधिक दयालु योजना के लाभार्थियों को पंजीकृत कर आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाई जा रही है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी 23 जिलों में कुल 77,41,912 परिवारों के 2,98,47,359 सदस्यों को पंजीकृत किया जा चुका है। पीपीपी प्लेटफॉर्म के साथ 50 से अधिक विभाग जुड़े हुए हैं, जिनकी 400 से अधिक योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ इसी डेटाबेस के आधार पर पात्र नागरिकों को उपलब्ध करवाया जा रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

