नए आपराधिक कानून लागू करने में हरियाणा देश में अव्वल, मिला 95.21 अंक
चंडीगढ़, 03 जुलाई (हि.स.)। तीन नए आपराधिक कानूनों को लागू करने के मामले में हरियाणा ने देशभर में पहला स्थान हासिल किया है। राज्य को इस मूल्यांकन में 100 में से 95.21 अंक प्राप्त हुए हैं।
हरियाणा के पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने शुक्रवार को जानकारी देते हुए कहा कि भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (बीएसए) का प्रभावी क्रियान्वयन राज्य की न्याय व्यवस्था में बड़ा बदलाव साबित हो रहा है।
डीजीपी ने कहा कि ये कानून केवल अंग्रेजों के जमाने के 160 वर्ष से अधिक पुराने कानूनों का विकल्प नहीं हैं, बल्कि यह एक आधुनिक, तकनीक-आधारित और नागरिक-केंद्रित न्याय व्यवस्था की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा पुलिस की यह उपलब्धि बेहतर योजना, व्यापक प्रशिक्षण और पुलिस बल की सामूहिक मेहनत का परिणाम है।
उन्होंने बताया कि नए कानूनों के सफल क्रियान्वयन के लिए राज्य की रणनीति चार प्रमुख स्तंभों पर आधारित रही है—प्रशासनिक सुधार, कार्यप्रणाली में दक्षता, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) का उपयोग और इंटीग्रेटेड क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (आईसीजेएस) के तहत समन्वय स्थापित करना।
डीजीपी के अनुसार, सभी जांच अधिकारियों को नए कानूनी ढांचे का विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। इसके साथ ही उन्हें आईओ मोबाइल ऐप उपलब्ध कराया गया है, जिससे जांच प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और तेज हुई है। मोबाइल फोरेंसिक यूनिट, ई-साक्ष्य प्रणाली, इलेक्ट्रॉनिक समन, डिजिटल केस मैनेजमेंट और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग जैसी तकनीकों ने जांच और न्यायिक प्रक्रिया को और मजबूत किया है।
उन्होंने यह भी बताया कि एक स्वतंत्र आकलन के अनुसार हरियाणा की डिजिटल पहलों से पिछले छह महीनों में 26 करोड़ रुपये से अधिक की बचत हुई है। केवल ई-समन प्रणाली के माध्यम से हजारों रीम कागज, लाखों लीटर पानी और लगभग 27 लाख लीटर ईंधन की बचत दर्ज की गई है।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के बढ़ते उपयोग से पुलिस कर्मियों की अदालतों में बार-बार उपस्थिति की आवश्यकता कम हुई है, जिससे समय और संसाधनों की बचत हो रही है और वे अब जांच एवं जनसेवा पर अधिक ध्यान केंद्रित कर पा रहे हैं।
हरियाणा पुलिस ने कहा है कि आने वाले समय में तकनीक आधारित पुलिसिंग को और मजबूत किया जाएगा, ताकि न्याय प्रणाली को और अधिक प्रभावी, तेज और पारदर्शी बनाया जा सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

