हरियाणा के मुख्यमंत्री समेत बीस नेता बने भाजपा अध्यक्ष के प्रस्तावक
-मनोहर-नायब-धनखड़-रामबिलास-विपुल समेत समेत कई नेता पहुंचे दिल्ली
चंडीगढ़, 19 जनवरी (हि.स.)। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव के लिए सोमवार से शुरू हुई प्रक्रिया में हरियाणा से मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी समेत 20 नेताओं ने केंद्रीय मंत्री नितिन नवीन का नाम प्रस्तावित किया है। इनमें केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल, राष्ट्रीय सचिव ओमप्रकाश धनखड़, प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बडौली समेत हरियाणा भाजपा के इन नेताओं ने राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव में नितिन नवीन का प्रस्ताव बनने पर खुशी जाहिर की है।
हरियाणा भाजपा के अधिकतर पदाधिकारी, नेता और मंत्री पहले नई दिल्ली स्थित हरियाणा भवन पहुंचे। वहां से वे एक साथ भाजपा मुख्यालय के लिए रवाना हुए। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी बाद में पार्टी कार्यालय पहुंचे। राष्ट्रीय अध्यक्ष की चयन प्रक्रिया को लेकर सभी नेताओं में उत्साह दिखाई दिया। हर किसी ने कहा कि नितिन नवीन ही भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनेंगे। उन्हें जिम्मेदारी देने के लिए पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने अपनी इस सोच को आगे बढ़ाया कि आने वाला समय युवाओं का है। नितिन नवीन सबसे कम उम्र के राष्ट्रीय अध्यक्ष होंगे।
हरियाणा से अन्यों के अलावा प्रदेश अध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली, उर्जा मंत्री अनिल विज, हरी निकाय मंत्री विपुल गाेयल, सामाजिक न्याय मंत्री कृष्ण बेदी, उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह, शिक्षा मंत्री महीपाल ढा़ड़ा,खाद्य आपूर्ति राज्य मंत्री राजेश नागर,भाजपा की प्रदेश सचिव गार्गी कक्कड़,
महिला मोर्चा की अध्यक्ष ऊषा प्रियदर्शी, पूर्व शिक्षा मंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा, राज्यसभा सदस्य किरण चौधरी, राज्यसभा सदस्य रामचंद्र जागड़ा, राज्यसभा सदस्य सुभाष बराला, राज्यसभा सदस्य रेखा शर्मा, सांसद धर्मबीर सिंह, पूर्व मंत्री डा. कमल गुप्ता, पूर्व सांसद सुनीता दुग्गल आदि शामिल हैं।
भाजपा के संविधान के अनुसार, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव पार्टी की राष्ट्रीय परिषद और राज्य परिषदों के प्रतिनिधियों से मिलकर बने निर्वाचक मंडल द्वारा किया जाता है। इस प्रक्रिया की देखरेख पार्टी के राष्ट्रीय निर्वाचन अधिकारी द्वारा की जाती है।
किसी राज्य के निर्वाचक मंडल के कोई भी 20 सदस्य संयुक्त रूप से राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद के लिए ऐसे व्यक्ति का नाम प्रस्तावित कर सकते हैं, जो चार कार्यकाल तक सक्रिय सदस्य रहा हो। साथ ही जिसकी सदस्यता के 15 वर्ष पूरे हो चुके हों। ऐसा संयुक्त प्रस्ताव कम से कम पांच राज्यों से आना चाहिए, जहां राष्ट्रीय परिषद के लिए चुनाव समाप्त हो चुके हैं। इन पांच राज्यों में हरियाणा एक ऐसा राज्य है, जिसके निर्वाचक मंडल के 20 सदस्यों को चुनाव प्रक्रिया में शामिल होने का मौका मिला है।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

