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आईडीएफसी बैंक घोटाले में एसीबी ने चार आरोपित गिरफ्तार

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आईडीएफसी बैंक घोटाले में एसीबी ने चार आरोपित गिरफ्तार


चंडीगढ़, 25 फ़रवरी (हि.स.)। हरियाणा सरकार के साथ 590 करोड़ का फर्जीवाड़ा करने के मामले में एंटी क्रप्शन ब्यूरो ने जांच को तेज करते हुए चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपितों को बुधवार अदालत में पेश करके सात दिन का रिमांड लिया गया है।

एसीबी चीफ आईपीएस एएस चावला ने बुधवार को पत्रकारों से बातचीत में बताया कि यह मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(2) तथा भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 316(5), 318(4), 336(3), 338, 340(2) एवं 61(2) के अंतर्गत दर्ज किया गया है है।

सरकार से प्राप्त पत्र एवं दस्तावेजों की जांच के दौरान यह गंभीर आरोप सामने आए कि कुछ सरकारी विभागों के बैंक खाते आईडीएफसी फस्र्ट बैंक, सेक्टर-32 शाखा में संचालित थे। इन खातों में जमा सरकारी धनराशि को कथित तौर पर अनधिकृत रूप से अन्य खातों,जिनमें निजी फर्मों, सरकारी विभागों एवं अन्य व्यक्तियों के खाते शामिल हैं में स्थानांतरित किया गया। इस पूरी प्रक्रिया में फर्जी दस्तावेजों के उपयोग की आशंका व्यक्त की गई है, जिसकी विस्तृत जांच की जा रही है।

जांच के दौरान संबंधित बैंकों तथा विभागों से दस्तावेज एवं वित्तीय रिकॉर्ड एकत्र किए जा रहे हैं और प्रत्येक लेन-देन का परीक्षण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मंगलवार की रात विजिलेंस मुख्यालय में विस्तृत पूछताछ के उपरांत चार आरोपितों ऋभव ऋषि (पंचकूला निवासी), अभय कुमार (चंडीगढ़ निवासी), स्वाति सिंगला (चंडीगढ़ निवासी) एवं अभिषेक सिंगला (चंडीगढ़ निवासी) को गिरफ्तार किया गया है।

गिरफ्तार आरोपितों को बुधवार को अदालत में पेश किया गया। जहां से उन्हें 7 दिन के रिमांड पर भेजा गया, ताकि प्रकरण के सभी पहलुओं की गहन जांच सुनिश्चित की जा सके तथा इस मामले से जुड़े अन्य संभावित तथ्यों और व्यक्तियों की भूमिका का भी विधिसम्मत अन्वेषण किया जा सके। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि हरियाणा सरकार के अलावा चंडीगढ़ प्रशासन के भी कुछ खातों में यह फर्जीवाड़ा हुआ है।

गिरफ्तार आरोपियों से रिमांड के दौरान पूछताछ की जाएगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा