राेहतक: दस माह से लापता मानसिक रोगी महिला को हरिओम सेवा दल ने परिवार से मिलवाया
सोनीपत अस्पताल से रेफर होकर आई थी महिला
संस्था के सदस्यों ने खोजबीन कर परिवार का लगाया पता
रोहतक, 04 अगस्त (हि.स.)। हरिओम सेवा दल के प्रयासों से करीब 10 माह से घर से लापता चल रही एक मानसिक रोगी महिला को उसके परिवार से मिलवा दिया गया। संस्था के सदस्यों ने महिला के परिवार का पता लगाने के लिए काफी प्रयास किए, जिसके बाद परिवार से संपर्क कर महिला के स्वास्थ्य की जानकारी दी गई। परिवार के सदस्य महिला को अपने साथ ले गए और संस्था का आभार जताया।
25 वर्षीय अज्ञात महिला को 20 जुलाई को सरकारी अस्पताल सोनीपत से रेफर किए जाने के बाद हरिओम सेवा दल में दाखिल करवाया गया था, महिला मानसिक रूप से अस्वस्थ थी और उस समय उसके बारे में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं थी। संस्था की महिला सेवादारों द्वारा मनोरोग विभाग में महिला के इलाज के साथ-साथ उसकी लगातार देखभाल की जा रही थी। महिला की पहचान और उसके परिजनों तक पहुंचने के लिए संस्था के सदस्यों ने अपने स्तर पर काफी खोजबीन की। प्रयासों के बाद महिला के परिवार का पता चलने पर उनसे बातचीत की गई और महिला के अस्पताल में होने तथा उसके स्वास्थ्य की पूरी जानकारी दी गई। परिवार के सदस्यों ने महिला से मिलने की इच्छा जताई।
इसके बाद तीन अगस्त को महिला के सास-ससुर मेडिकल वार्ड-13 में पहुंचे और महिला को पहचानने के बाद उसकी जिम्मेदारी संभाल ली। लंबे समय बाद परिवार से मिलकर महिला के चेहरे पर भी भावनात्मक खुशी दिखाई दी। परिवार के सदस्यों ने इस मानवीय कार्य के लिए हरिओम सेवा दल के पदाधिकारियों और सेवादारों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर संस्था के संचालक विजय खुराना, संजय चंदा, मेडिकल इंचार्ज हितेश, रवि, महेंद्र सैनी सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे। संस्था पदाधिकारियों ने कहा कि बेसहारा, बीमार और जरूरतमंद लोगों की सेवा के साथ-साथ उन्हें उनके परिवार से मिलवाना भी संस्था का प्रमुख उद्देश्य है। संस्था भविष्य में भी ऐसे जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए लगातार प्रयास करती रहेगी।
हिन्दुस्थान समाचार / अनिल

