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गुरुग्राम: कामकाजी महिला हॉस्टल पर ताला लगाने के आदेश दुर्भाग्यपूर्ण: पंकज डावर

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गुरुग्राम: कामकाजी महिला हॉस्टल पर ताला लगाने के आदेश दुर्भाग्यपूर्ण: पंकज डावर


-महिलाओं के लिए नया हॉस्टल बनाना तो दूर पुराने को भी बंद कर रही सरकार

-सिविल लाइन में बने कामकाजी महिला हॉस्टल को खाली करने के दिए आदेश

-अगर बिल्डिंग कंडम घोषित हो चुकी थी तो फिर से क्यों शुरू किया गया था हॉस्टल

-हॉस्टल खाली कराने से पहले महिलाओं के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करे प्रशासन

गुरुग्राम, 23 अक्टूबर (हि.स.)। महिलाओं को सम्मान देने, आगे बढ़ाने का दिखावा करने वाली बीजेपी सरकार के शासन में कांग्रेस सरकार के समय बनाए गए कामकाजी महिला हॉस्टल बंद किए जा रहे हैं। गरीब घरों की महिलाएं यहां कम खर्च में रहकर अपनी आजीविका कमाती थीं, लेकिन अब उनका यह सपना भी टूटने जा रहा है। इस हॉस्टल को बंद करने के आदेश दे दिए गए हैं, जो महिलाओं के लिए परेशानी का कारण बन गए हैं।

पंकज डावर ने कहा कि वर्ष 1984 में कांगे्रस सरकार के कार्यकाल में ही यह हॉस्टल बनाया गया था। वर्ष 2021 में इस हॉस्टल की बिल्डिंग की जांच की गई और वर्ष 2023 में इसे कंडम घोषित किया गया। इसके बाद एक निजी कंपनी को यह हॉस्टल जिला रेडक्रॉस सोसायटी की ओर से टेंडर पर दे दिया। अब उस टेंडर को भी खत्म करने के आदेश दिए गए हैं। डावर ने कहा कि जिस बिल्डिंग को कंडम घोषित किया गया था तो उसे फिर से रिपेयरिंग करके टेंडर क्यों दिया गया। जिला रेडक्रॉस सोसायटी ने यह टेंडर दिया। इसके प्रधान जिला उपायुक्त होते हैं। उनके संज्ञान में लाए बिना तो यह टेंडर दिया नहीं गया होगा। ऐसे में उपायुक्त को भी यह देखना चाहिए था कि जो बिल्डिंग कंडम घोषित की जा चुकी है तो उसमें महिलाओं को रखकर उनकी जान को खतरे में क्यों डाला जा रहा। लेकिन नहीं, प्रशासन की ओर से सभी बातों को दरकिनार करके इसे एक निजी फर्म को दे दिया गया।

पंकज डावर ने कहा कि इस हॉस्टल का एक साल पहले के.वी. एंटरप्राइजेज को टेंडर दिया गया था, जो अब रद्द किया गया है। इसका नोटिस निकाल दिया गया है। नोटिस में कहा गया है कि 28 अक्टूबर 2026 को प्रशासन द्वारा कामकाजी महिला आवास को पूर्ण रूप से बंद कर ताला लगा दिया जाएगा। इसलिए महिलाओं को आदेश दिए जाते हैं कि 15 दिन में कामकाजी महिला को खाली करने की कृपा करें। सरकार को इसमें हस्तक्षेप करते हुए यहां रहने वाली महिलाओं को किसी बिल्डिंग में शिफ्ट किया जाना चाहिए। जब तक नया हॉस्टल ना बने, उनके लिए वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए। सरकार की ओर से पूर्व में इसे नया हॉस्टल बनाने और सेक्टर-10 में एक दूसरा हॉस्टल बनाने की घोषणा की जा चुकी है। लेकिन अभी तक ये दोनों घोषणाएं ठंडे बस्ते में हैं। इन पर कोई काम नहीं हो पाया है। महिलाओं को सुविधाएं देने के दावे करने वाली भाजपा सरकार में कामकाजी महिला हॉस्टल को खाली करवाना भी महिलाओं के लिए परेशानी का कारण बन रहा है।

हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर