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गुरुग्राम: तकनीक तभी सार्थक जब वह सतत विकास एवं समाज के हित में काम करे: डॉ. संजय कौशिक

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गुरुग्राम: तकनीक तभी सार्थक जब वह सतत विकास एवं समाज के हित में काम करे: डॉ. संजय कौशिक


-गुरुग्राम यूनिवर्सिटी में एडवांसिंग सस्टेनेबल सॉल्यूशंस थ्रू टेक्नोलॉजीज विषय पर शुरू हुआ अंतरराष्ट्रीय

-सम्मेलन अमेरिका सहित कई अन्य देशों के शिक्षाविद और शोधकर्ता हुए शामिल

-अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में शोध निष्कर्षों की एब्स्ट्रैक्ट बुक का विमोचन भी किया गया

गुरुग्राम, 05 फरवरी (हि.स.)। गुरुग्राम यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. संजय कौशिक ने कहा कि तकनीक तभी सार्थक है जब वह समाज और पर्यावरण के सतत विकास में योगदान दे। ऐसे अंतरराष्ट्रीय मंच शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों को वैश्विक चुनौतियों के समाधान के लिए प्रेरित करते हैं। यह बात उन्होंने गुरुवार को गुरुग्राम यूनिवर्सिटी के इंजीनियरिंग एवं टेक्नोलॉजी विभाग तथा आईईईई के संयुक्त तत्वाधान में एडवांसिंग सस्टेनेबल सॉल्यूशंस थू्र टेक्नोलॉजीज विषय पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में कही।

सम्मेलन की शुरुआत मुख्य अतिथि जेसी बोस यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी फरीदाबाद के कुलपति प्रो राजीव कुमार, विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रो. एम.के. सोनी, पूर्व प्रोफेसर, एनआईटी कुरुक्षेत्र तथा डॉ. विनय ठाकुर पूर्व एमडी एनआईसीएसआई, कुलसचिव डॉ. संजय अरोड़ा ने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन करके की। फैकल्टी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के डीन प्रो. एस.एस. त्यागी ने सम्मेलन में स्वागत भाषण दिया। कुलपति डॉ. संजय कौशिक ने बताया कि वर्तमान समय में कंप्यूटर विज्ञान, सूचना प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रॉनिक्स, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, वीएलएसआई डिजाइन एवं इंटरनेट ऑफ थिंग्स में तीव्र प्रगति ने स्वास्थ्य, ऊर्जा, कृषि, विनिर्माण, स्मार्ट सिटी और डिजिटल गवर्नेंस जैसे क्षेत्रों में क्रांतिकारी परिवर्तन किए हैं। आईसीएएसएसटी-2026 का उद्देश्य इन उभरती तकनीकों के माध्यम से सतत विकास के लिए नवाचार, शोध और वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देना है।

सम्मेलन में देश-विदेश से कुल 910 शोध पत्र प्राप्त हुए, जिसमें से 155 शोध पत्र अंतरराष्ट्रीय शोधकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत किए गए, जो सम्मेलन की वैश्विक भागीदारी और अकादमिक गुणवत्ता को दर्शाता है।

सम्मेलन के मुख्य अतिथि जेसी बोस यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, फरीदाबाद के कुलपति प्रो. राजीव कुमार ने कहा कि एडवांसिंग सस्टेनेबल सॉल्यूशंस थ्रू टेक्नोलॉजीजे जैसे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन शोधकर्ताओं को वैश्विक समस्याओं के व्यावहारिक और नवाचार आधारित समाधान खोजने के लिए प्रेरित करते हैं। सम्मेलन में विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रो. एम.के. सोनी, पूर्व प्रोफेसर, एनआईटी कुरुक्षेत्र तथा डॉ. विनय ठाकुर, पूर्व एमडी, एनआईसीएसआई ने सतत तकनीकी समाधानों, इंडस्ट्री-अकादमिक सहयोग और नवाचार आधारित शोध की आवश्यकता पर अपने विचार सांझा किए।

हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर