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गुरुग्राम: विदेशी महिला दोस्त बनकर की ठगी, दो नाइजीरियाई ठग गिरफ्तार

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गुरुग्राम: विदेशी महिला दोस्त बनकर की ठगी, दो नाइजीरियाई ठग गिरफ्तार


-मुंबई एयरपोर्ट पर फंसी हूं कहकर ऐंठे 63,500 रुपये

-फेसबुक-व्हाट्सएप से बनाते थे जाल

गुरुग्राम, 07 जुलाई (हि.स.)। फेसबुक पर विदेशी महिला बनकर लोगों को ठगने वाले गिरोह का साइबर क्राइम मानेसर थाना पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने दिल्ली के जवाहर पार्क इलाके से दो नाइजीरियाई नागरिकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने मंगलवार को बताया कि आरोपियों की पहचान केल्विन ऑग्बू (35), निवासी लागोस स्टेट, नाइजीरिया और किंग्सले एमेका ओजोबो (35, निवासी नाइजीरिया के रूप में हुई है। इनके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल एक मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है।

पुलिस को 29 अप्रैल 2026 को एक व्यक्ति ने शिकायत दी थी।

शिकायतकर्ता ने बताया कि उसे फेसबुक पर कैथलिन नाम की महिला की फ्रेंड रिक्वेस्ट मिली। दोस्ती के बाद दोनों की बातचीत व्हाट्सएप पर शुरू हुई। महिला ने खुद को यूके की निवासी बताकर भारत आने की बात कही। कुछ दिन बाद शिकायतकर्ता के पास एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को मुंबई एयरपोर्ट का कस्टम अधिकारी बताते हुए कहा कि महिला के पास पैसे खत्म हो गए हैं। कस्टम क्लियरेंस और वेरिफिकेशन के लिए तुरंत पैसे जमा कराने होंगे। आरोपियों के झांसे में आकर शिकायतकर्ता ने अलग-अलग बैंक खातों में कुल 63,500 रुपये ट्रांसफर कर दिए। बाद में ठगी का एहसास होने पर उसने साइबर थाना मानेसर में शिकायत दर्ज कराई।

जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों का लोकेशन ट्रेस किया। टीम ने दिल्ली के जवाहर पार्क से दोनों नाइजीरियाई नागरिकों को दबोच लिया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि दोनों ने फर्जी फेसबुक प्रोफाइल बनाकर विदेशी महिला बनने का नाटक किया। फिर एयरपोर्ट पर फंसे होने और कस्टम क्लियरेंस के नाम पर लोगों से पैसे मंगवाकर साइबर ठगी करते थे। जांच में पता चला कि किंग्सले जनवरी 2026 में और केल्विन 2025 में बिजनेस वीजा पर भारत आया था। केल्विन 2023 में भी भारत आ चुका है। पुलिस के अनुसार केल्विन के खिलाफ 2024 में दिल्ली में विदेशी अधिनियम के तहत एक मामला पहले से दर्ज है। साइबर क्राइम पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर अनजान विदेशी प्रोफाइल से दोस्ती करने और पैसों की मांग करने पर सतर्क रहें। किसी भी सरकारी अधिकारी के नाम पर फोन पर पैसे न भेजें। संदिग्ध लगने पर तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी साइबर थाने में शिकायत करें।

हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर