home page

गुरुग्राम: बिना पर्यावरण, फायर एनओसी के टावर ऑफ जस्टिस में तत्काल शिफ्ट करने की अनुमति

 | 
गुरुग्राम: बिना पर्यावरण, फायर एनओसी के टावर ऑफ जस्टिस में तत्काल शिफ्ट करने की अनुमति


-हाईकोर्ट ने तत्काल ट्रांसफर की दी अनुमति, अगली सुनवाई 21 जुलाई को होगी

गुरुग्राम, 10 जुलाई (हि.स.)। जिला के नए न्यायिक परिसर टावर ऑफ जस्टिस में जिला अदालतों को शिफ्ट करने का रास्ता साफ हो गया है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को निर्देश दिया है कि पर्यावरण मंजूरी और फायर विभाग की अंतिम एनओसी का इंतजार किए बिना अदालतों को नए परिसर में तुरंत स्थानांतरित किया जाए। यह कार्य शुक्रवार को शुरू भी हो गया।कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश अश्वनी कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति रोहित कपूर की खंडपीठ ने कहा कि पुराने परिसर में आग लगने के बाद से न्यायिक कार्य बुरी तरह प्रभावित है। अब और देरी आम जनता के हित में नहीं है। खंडपीठ ने कहा कि गुरुग्राम जिला न्यायालय का कामकाज फिलहाल गंभीर रूप से प्रभावित है। इसलिए नए परिसर में शिफ्टिंग अति आवश्यक है। हाईकोर्ट ने आदेश में कहा कि पुराने गुरुग्राम कोर्ट परिसर में आग लगने और भवन का एक हिस्सा असुरक्षित घोषित होने के बाद न्यायिक कार्य ठप हो गया था। बड़ी संख्या में रिकॉर्ड भी आग में नष्ट हो गए थे। इसके बाद अदालतों को अस्थायी रूप से गेस्ट हाउस से चलाया जा रहा है, जहां सिर्फ जरूरी मामलों की ही सुनवाई हो रही है। सरकार ने अदालत को भरोसा दिलाया है कि टावर ऑफ जस्टिस अब हर तरह से तैयार है और सभी लंबित निर्माण कार्य पूरे कर दिए गए हैं। यदि कोई कमी सामने आती है तो उसे तुरंत दूर किया जाएगा।जिला जज की ओर से रिपोर्ट में मिली थीं कमियांहाईकोर्ट ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश से नए परिसर का निरीक्षण कराया था। रिपोर्ट में सामने आया था कि कई जगह निर्माण कार्य अधूरा था। फर्नीचर स्थापित नहीं हुआ था। बारिश में बेसमेंट में सीवेज का पानी भर गया था। पर्यावरण मंजूरी और फायर एनओसी लंबित थी। सरकार ने कोर्ट को बताया कि फायर विभाग निरीक्षण कर चुका है और कोई बड़ी कमी नहीं मिली। आवश्यक प्रमाणपत्र एक-दो दिन में जारी होने की संभावना है। पर्यावरण मंजूरी की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है और भवन सभी वैधानिक मानकों का पालन करता है। हाईकोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया कि अगली सुनवाई से पहले आदेश के पालन की रिपोर्ट हलफनामे के जरिए दाखिल की जाए। मामले की अगली सुनवाई 21 जुलाई को होगी। टावर ऑफ जस्टिस का निर्माण वर्षों से लंबित था। इसे पहले अक्टूबर 2020 तक पूरा होना था। देरी होने पर हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेकर निगरानी शुरू की।

हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर