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गुरुग्राम की बेटी दीपा भारत के विदेश मंत्रालय में बनीं अधिकारी

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गुरुग्राम की बेटी दीपा भारत के विदेश मंत्रालय में बनीं अधिकारी


-सेल्फ स्टडी करके एसएससी में पायी सफलता

-दीपा का छात्रों को संदेश, मेहनत करेंगे तो सफल जरूर होंगें

गुरुग्राम, 12 अप्रैल, (हि.स.)। गांव नौरंगपुर में जन्मीं और यहीं पर पली-बढ़ी दीपा पुत्री भीम सिंह ने कड़ी मेहनत से ऐसा मुकाम हासिल किया है, जो पूरे गांव के लिए गर्व की बात है। हर किसी को गांव की इस बेटी पर नाज है। दीपा ने एसएससी की परीक्षा पास करके विदेश मंत्रालय में अधिकारी के पद पर नौकरी हासिल की है।

जिस मुकाम पर पहुंचने के लिए छात्र आम तौर पर कोचिंग सेंटर्स में लाखों रुपये खर्च करके परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, उस मुकाम को दीपा ने सेल्फ स्टडी यानी घर पर ही पढ़ाई करके हासिल कर लिया। ऐसे में दीपा की यह उपलब्धि और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। दीपा ने घर पर ही रहकर एसएससी की तैयारी करी। पहली बार एसएससी की परीक्षा में कुछ अंकों से उनका चयन नहीं हो पाया। दूसरी बार और अधिक मेहनत करते हुए इसी साल दीपा ने एसएससी की परीक्षा को पास कर लिया। मात्र 24 साल की उम्र में दीपा की यह उपलब्धि हर युवा के लिए प्रेरणादायी है। इस उम्र में पढ़ाई पूरी करके उन्होंने एक अच्छी जॉब हासिल कर ली है।

दीपा ने पहली से पांचवीं कक्षा पैतृक गांव नौरंगपुर के ही स्कूल से की। पांचवीं में अव्वल रहने पर दीपा को छठी कक्षा से 12वीं कक्षा तक पढ़ाई के लिए डीएलएफ फाउंडेशन की ओर से स्कॉलरशिप मिली। फाउंडेशन ने उसकी शिक्षा का पूरा खर्चा वहन किया। छह से 10वीं तक दीपा शिकोहपुर के झंकार सीनियर सेकेंडरी स्कूल में पढ़ी। 11वीं से 12वीं उसने सेक्टर-86 नवादा स्थित शिशु कल्याण स्कूल से की। ग्रेजुएशन के लिए दीपा ने गुरुग्राम के सेक्टर-14 स्थित राजकीय कन्या महाविद्यालय में दाखिला लिया। यहां से उन्होंने 2019 से 2022 तक बीकॉम पूरी की और 2022 से 2024 तक एमकॉम की।

चार भाई-बहनों में दीपा दूसरे नंबर की है। दीपा का बड़ा भाई तरुण डी-फार्मेसी करके मेडिकल स्टोर पर काम करता है। छोटी बहन सुष्मिता एम.ए. कर रही है और सबसे छोटी बहन साक्षा बी.ए. की पढ़ाई कर रही है। दीपा के पिता आठवीं तक और मां दसवीं तक पढ़ी हैं। पूरा परिवार गांव नौरंगपुर में ही रहता है।

हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर