गुरुग्राम: शिक्षक होते हैं संस्कृति के संवाहक: सुरेंद्र जैन
-गुरु सम्मान समारोह एवं संस्कृति के सारथी सम्मान 2026 आयोजित
गुरुग्राम, 13 सितंबर (हि.स.)। शिक्षा और संस्कृति के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले गुरुओं को सम्मानित करने के लिए संस्था संस्कृति के सारथी द्वारा गुरु सम्मान समारोह आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम आर्य कन्या विद्या मंदिर ऑडिटोरियम सेक्टर-7 में हुआ, जिसमें गुरुग्राम के 400 विद्यालयों के उत्कृष्ट शिक्षकों को गुरु सम्मान से सम्मानित किया गया। संस्था के अध्यक्ष राम बहादुर सिंह और पूरी कार्यसमिति ने अतिथियों का स्वागत किया।
मुख्य अतिथि विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री सुरेंद्र जैन ने कहा कि शिक्षक संस्कृति के संवाहक होते है। जब शिक्षक मातृशक्ति के रूप में हो तो युग परिवर्तन की क्षमता रखती है। समारोह में हरियाणा कला परिषद के उपाध्यक्ष महेश जोशी ने कहा कि आज कला के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जा सकता है। पिछले 10 वर्षों से 400 शिक्षकों को सम्मानित करना एक महायज्ञ है। आरएसएस हरियाणा से पवन जिंदल ने कहा कि इससे शिक्षकों को अपनी परंपरा और संस्कृति को आगे ले जाने की प्रेरणा मिलेगी। इस अवसर पर हरियाणा कला परिषद सांस्कृतिक सहभागी रही। कलाकारों ने हरियाणवी और शास्त्रीय लोक नृत्य प्रस्तुत किए। अमन के सामाजिक समरसता गीत और सुनील झा की तबला प्रस्तुति ने खूब तालियां बटोरीं। इस समारोह में ग्रुप कैप्टन विजय कुकरेजा, डॉ. राजवीर सिंह, जयंत अरोड़ा, आदर्श वर्मा, रचना अरोड़ा, देवेंद्र हंस, डॉ. ए.के. भाटी, शरद चहल, डॉ. अलका शर्मा, रजनी सूद और स्वाति सिंह को संस्कृति के सारथी सम्मान दिया गया। कार्यक्रम में जगदीश ग्रोवर, कर्नल कुंवर प्रताप सिंह, डॉ. विजय सिंह चौहान सहित कई हस्तियां मौजूद रहीं।
हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर

