गुरुग्राम: मातृशक्ति लाएगी बड़ा सामाजिक परिवर्तन, भारत बनेगा विश्वगुरु: पवन जिंदल
सेक्टर-14 में विराट हिंदू सम्मेलन में महिलाओं की भूमिका पर दिया जोर
गुरुग्राम, 22 फरवरी (हि.स.)। उत्तर क्षेत्रीय संघ चालक पवन जिंदल ने कहा है कि मातृशक्ति समाज में बड़ा परिवर्तन ला सकती हैं। जिस दिन भारत की महिलाएं पूरी शक्ति के साथ आगे आएंगी, उस दिन देश विश्व नेतृत्व की ओर बढ़ेगा और विश्वगुरु बनने का मार्ग प्रशस्त होगा। संघ चालक पवन जिंदल सेक्टर-14 के सामुदायिक भवन में हिंदू सम्मेलन समिति की ओर से आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। संघ शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित ऐसे आयोजनों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ आज विश्व स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है। विश्व पटल पर सभी मुख्य संस्थानों जैसे की यूनिवर्सिटीज में अनेको विद्वान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ क्या है? विषय पर शोध एवं डॉक्ट्रेट कर रहे है। अपने अभिभाषण में पवन जिंदल ने उपस्थित जनमानस, विशेषकर महिलाओं को सम्भोदित करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्षो के इतिहास से परिचित कराया।
इस अवसर पर महर्षि दयानन्द विश्वविद्यालय के संस्कृत विभाग के प्रध्यापक (सेवानिवृत्त) डॉ. बलबीर आचार्य और सेवानिवृत्त मेजर जनरल डॉ. रणजीत सिंह ने भी सभा को संबोधित करते हुए समाज के उत्थान के लिए सामान्य सोच से ऊपर उठने का आह्वान किया। उन्होंने देश के सामने मौजूद तीन प्रमुख चुनौतियों आर्थिक, सामाजिक और सुरक्षा पर विशेष रूप से प्रकाश डाला और सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता बताई।
इससे पहले दिन की शुरुआत सुबह सेक्टर-14 स्थित हनुमान मंदिर से निकली कलश यात्रा से हुई, जिसमें श्रद्धालुओं ने भक्ति गीतों और पारंपरिक अनुष्ठानों के साथ भाग लिया। इस अवसर पर आयोजित कीर्तन में भजनों और सामूहिक प्रार्थनाओं से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। परिवारों, वरिष्ठ नागरिकों और युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इसके बाद सांस्कृतिक एवं धार्मिक प्रवक्ताओं के प्रवचनों का आयोजन हुआ, जिसमें सनातन मूल्यों, सामाजिक समरसता और सामूहिक जिम्मेदारी पर जोर दिया गया। कार्यक्रम में हिंदू सम्मेलन समिति, सेक्टर-14 के कार्यकर्ताओं के अतिरिक्त रेसिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन सेक्टर-14, श्री हनुमान मंदिर सभा, आर्य समाज मंदिर सभा, महिला कीर्तन मंडली, इत्यादि ने भी बड़ चढ़ कर हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम में स्थानीय निवासियों और स्वयंसेवकों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली, जिसने गुरुग्राम में सामुदायिक और आध्यात्मिक आयोजनों की निरंतर प्रासंगिकता को रेखांकित किया। कार्यक्रम का समापन दोपहर प्रसाद ग्रहण के साथ हुआ, जहां श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से प्रसाद ग्रहण किया और आपसी एकता का संदेश दिया।
हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर

