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पंजाब के मंत्री के वकील का दावा, पांच मई को दर्ज हुई एफआईआर,नौ को किया गिरफ्तार

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पंजाब के मंत्री के वकील का दावा, पांच मई को दर्ज हुई एफआईआर,नौ को किया गिरफ्तार


- ईडी पर निष्पक्ष जांच ना करने का भी आरोप

- इस मामले में अगली सुनवाई 16 मई को होगी

गुरुग्राम, 10 मई (हि.स.)। पंजाब सरकार के उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा की गिरफ्तारी को लेकर उनके वकील अर्जुन ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दावा किया कि यह कार्रवाई राजनीतिक दबाव में की गई है और जांच प्रक्रिया में कई खामियां हैं।

वकील अर्जुन के अनुसार, ईडी ने 5 मई को मामला दर्ज किया और मात्र चार दिन के भीतर 9 मई को संजीव अरोड़ा को गिरफ्तार कर लिया। उनका कहना है कि इतनी कम अवधि में एजेंसी ने निष्पक्ष और गहन जांच नहीं की। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच एजेंसी ने दस्तावेजों और तथ्यों का पर्याप्त सत्यापन किए बिना कार्रवाई की है।

यह मामला कथित 150 करोड़ रुपये के जीएसटी घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा हुआ है। ईडी का आरोप है कि फर्जी कंपनियों और फर्जी बिलिंग के जरिए बड़े स्तर पर टैक्स चोरी की गई। जांच एजेंसी ने हैम्पटन स्काई रिएलिटी लिमिटेड के परिसरों पर भी छापेमारी की है। ईडी का दावा है कि कंपनी के जरिए संदिग्ध वित्तीय लेनदेन किए गए और अवैध धन को इधर-उधर भेजा गया। हालांकि बचाव पक्ष ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए इसे राजनीति से प्रेरित बताया और कहा कि संजीव अरोड़ा जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं।

रविवार को गुरुग्राम की सत्र अदालत में ईडी ने 10 दिन की रिमांड की मांग की थी। एजेंसी का कहना था कि मामले में बड़े स्तर पर वित्तीय लेनदेन, फर्जी कंपनियों और मनी लान्ड्रिग की जांच की जानी बाकी है। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सात दिन की हिरासत मंजूर की और संजीव अरोड़ा को सात दिन की ईडी हिरासत में भेज दिया। मामले की अगली सुनवाई 16 मई को होनी है। बचाव पक्ष ने इसे राजनीतिक रूप से प्रेरित कार्रवाई बताते हुए अदालत में कहा कि गिरफ्तारी जल्दबाजी में की गई और एजेंसी के पास पर्याप्त आधार नहीं हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर