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गुरुग्राम: आंदोलन में पेपर लीक का विषय था ही नहीं: नायब सिंह सैनी

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गुरुग्राम: आंदोलन में पेपर लीक का विषय था ही नहीं: नायब सिंह सैनी


-बोले, कांग्रेस के शासन में कितने पेपर ली हुए, देश जानता है

गुरुग्राम, 04 अगस्त (हि.स.)। नायब सिंह सैनी ने हाल में हुए आंदोलन पर कहा कि जिस विषय को लेकर आंदोलन खड़ा किया गया, वहां पेपर लीक का विषय था ही नहीं। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन लोगों ने यह आंदोलन खड़ा किया, उन्हें अपने गिरेबान में झांकना चाहिए। कांग्रेस के शासनकाल में कितने पेपर लीक हुए, इसका हिसाब देश जानता है। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष डा. अर्चना गुप्ता समेत अनेक वरिष्ठ नेता, कार्यकर्ता मौजूद रहे।

मंगलवार को गुरुग्राम में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान सीएम नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के 12 वर्ष पूरे हो चुके हैं। 12 वर्षों में एक पूरी पीढ़ी बदल जाती है। आज के युवाओं को यह पता ही नहीं है कि कांग्रेस शासन के दौरान परीक्षाओं और व्यवस्थाओं की क्या स्थिति थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय ऐसा था जब छात्र परीक्षा देने के लिए निकलते थे तो उन्हें यह भी भरोसा नहीं होता था कि परीक्षा होगी या नहीं। बसों की हालत खराब होती थी, बच्चे बसों और ट्रेनों की छतों पर बैठकर परीक्षा केंद्र तक पहुंचते थे। कई बार परीक्षा केंद्र पहुंचने पर पता चलता था कि पेपर पहले ही लीक हो चुका है। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि जैसे ही पेपर लीक की घटनाएं सामने आईं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तत्काल सख्त जांच के आदेश दिए और स्पष्ट कर दिया कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने पेपर लीक रोकने के लिए सख्त कानून बनाया है। अब यदि कोई व्यक्ति इस प्रकार के अपराध में शामिल पाया जाता है तो उसे 10 वर्ष तक की कैद और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने लगेगा। यह कानून इसलिए बनाया गया है ताकि देश के युवाओं के भविष्य के साथ कोई खिलवाड़ न कर सके।

नायब सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार विकसित भारत-2047 का विजन सामने रख रहे हैं, क्योंकि उन्होंने विश्वास है कि आज की युवा पीढ़ी ही विकसित भारत के निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति बनेगी। उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान कुछ युवाओं ने प्रधानमंत्री के खिलाफ अनुचित बातें भी कहीं, लेकिन प्रधानमंत्री ने उन्हें क्षमा करते हुए उनके भविष्य को प्राथमिकता दी। अब हमारा दायित्व है कि अधिक से अधिक युवाओं को राष्ट्र निर्माण की इस यात्रा से जोड़ा जाए।

हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर