गुरुग्राम: हाजीपुर-पातली में ग्रामीणों ने डंपिंग यार्ड के खिलाफ भरी हुंकार
सुल्तानपुर नेशनल पार्क से तीन किलोमीटर दूर प्रस्तावित यार्ड का विरोध
सरपंच एसोसिएशन ने कहा, फर्रुखनगर में कहीं नहीं बनने देंगे डंपिंग यार्ड
गुरुग्राम, 04 जुलाई (हि.स.)। नगर निगम गुरुग्राम द्वारा फर्रुखनगर खंड के गांव पातली-हाजीपुर में प्रस्तावित कचरा डंपिंग यार्ड के खिलाफ शनिवार को ग्रामीणों ने मोर्चा खोल दिया। सरपंच एसोसिएशन के प्रधान धर्मपाल गुरावलिया के नेतृत्व में हाजीपुर के सामुदायिक केंद्र परिसर में पातली और हाजीपुर गांव की संयुक्त पंचायत हुई।
पंचायत में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास कर डंपिंग यार्ड का कड़ा विरोध किया गया।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि अगर निगम का एक भी कचरे का डम्पर या ट्राली गांव में पहुंची तो उसके अंजाम के लिए प्रशासन जिम्मेदार होगा। उन्होंने कहा कि सिर्फ पातली-हाजीपुर ही नहीं, पूरे फर्रुखनगर क्षेत्र में कहीं भी डंपिंग यार्ड नहीं बनने देंगे। इसके लिए कोई भी कुर्बानी भी देनी पड़ी तो पीछे नहीं हटेंगे।
गांव हाजीपुर के सरपंच व एसोसिएशन प्रधान धर्मपाल ने बताया कि अखबारों के जरिए पता चला कि नगर निगम गुरुग्राम-मानेसर केएमपी के साथ लगती शामलात भूमि पर डंपिंग यार्ड बनाने जा रहा है। जोकि सही नहीं है।
पंचायत में कहा गया कि प्रस्तावित भूमि गांव की आबादी से सिर्फ 500 मीटर दूर है और आसपास दर्जनों ढाणियां बसी हैं। यह जमीन सुल्तानपुर नेशनल पार्क से मात्र तीन किलोमीटर दूर है। नियमों के अनुसार नेशनल पार्क के पांच किलोमीटर दायरे में डंपिंग यार्ड बनाना गैरकानूनी है, क्योंकि यह पर्यावरण संवेदनशील क्षेत्र है। इसी जमीन के पास रेलवे स्टेशन बन रहा है।
बताया गया कि 20 अप्रैल 2026 को ग्राम पंचायत ने इस चार एकड़ भूमि पर पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय का रीजनल सेंटर बनाने का प्रस्ताव कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह को भेजा हुआ है। साथ ही जमीन को कृषि के लिए पट्टे पर दिया गया है ।
बीमारियों का भी बढ़ेगा खतरा
पंचायत में ग्रामीण राजेंद्र पंडित, महेंद्र शर्मा, कृष्ण पंडित, अधिवक्ता तेजपाल यादव, खेमचंद नम्बरदार, सतपाल, बलबीर सिंह, संजय, कमल सिंह, भोम सिंह, राजबीर आदि ने कहा कि अगर डंपिंग यार्ड बना तो सिर्फ पातली-हाजीपुर नहीं, बल्कि पूरे फर्रुखनगर का जीवन नरकीय हो जाएगा। कचरे से उठने वाली बदबू और कीट-पतंगों से बीमारियां फैलेंगी।
ग्रामीणों ने कहा कि सरकार ने बात नहीं मानी तो इलाके की सरदारी को इकट्ठा कर महापंचायत बुलाई जाएगी। उसके बाद सरकार के हर फैसले का विरोध प्रदर्शन कर किया जाएगा।
हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर

