गुरुग्राम में 1054 करोड़ की लागत से बनेगी अस्पताल की नई इमारत
-सरकार ने एचएसआईआईडीसी काे साैंपी जिम्मेदारी
चंडीगढ़, 04 जून (हि.स.)। गुरुग्रामवासियों की वर्षों पुरानी मांग को पूरा करते हुए हरियाणा सरकार ने 1054 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक सिविल अस्पताल निर्माण की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने एचएसआईआईडीसी को निर्माण एजेंसी नियुक्त करते हुए परियोजना की औपचारिकताएं शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए हैं। यह अस्पताल आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ क्षेत्र के लाखों लोगों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराएगा।
हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने गुरुवार काे चंडीगढ़ में बताया कि गुरुग्राम की पुलिस लाइन के समीप इस अत्याधुनिक और भव्य अस्पताल का निर्माण किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी और विशाल स्वास्थ्य परियोजना पर लगभग 1054 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। सरकार ने इस बड़े प्रोजेक्ट को समय पर और कुशलता से पूरा करने की जिम्मेदारी हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं बुनियादी ढांचा विकास निगम यानी एचएसआईआईडीसी एजेंसी को सौंपी है, जो इस पूरे भवन के निर्माण कार्य की देखरेख करेगी। उन्होंने कहा कि अस्पताल निर्माण के संबंध में अन्य औपचारिकताएं जल्द पूरी करने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। आम जनता को बेहतरीन और विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए इस अस्पताल के बुनियादी ढांचे को दो अलग-अलग चरणों में तैयार करने का खाका खींचा गया है। इसके तहत प्रथम चरण में इस अस्पताल को 400 बेड की क्षमता के साथ तैयार किया जाएगा, ताकि स्थानीय मरीजों को तुरंत आधुनिक इलाज की सुविधा मिल सके। इसके बाद अगले चरण में अस्पताल की क्षमता का विस्तार करते हुए अतिरिक्त 200 बेड का इंफ्रास्ट्रक्चर निर्मित किया जाएगा, जिससे भविष्य में यह एक विशाल और सर्वसुविधायुक्त चिकित्सा केंद्र के रूप में जनता की सेवा कर सकेगा।
स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के सरकारी अस्पतालों को अत्याधुनिक सुविधाएं देने के लिए लगातार कदम उठा रही है। इसी क्रम में हरियाणा के जनस्वास्थ्य ढांचे को एक बड़ी मजबूती देते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अंबाला नागरिक अस्पताल में अत्याधुनिक पेट और स्पेक्ट सुविधाएं शुरू करने को औपचारिक मंजूरी दे दी है। राज्य सरकार का यह बड़ा कदम सार्वजनिक स्वास्थ्य क्षेत्र को सशक्त बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर है। इस अपग्रेडेशन के बाद सरकारी अस्पताल भी सुपर-स्पेशियलिटी निजी अस्पतालों की तर्ज पर उच्च स्तरीय डायग्नोस्टिक सेवाएं देने में सक्षम हो सकेंगे।
इस न्यूक्लियर मेडिसिन सुविधा की शुरुआत से अस्पताल में भर्ती गंभीर मरीजों, विशेषकर कैंसर, न्यूरोलॉजिकल (मस्तिष्क संबंधी) और हृदय रोगों से पीड़ित लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। पेट और स्पेक्ट जैसी उन्नत तकनीकें शरीर के भीतर कोशिकीय गतिविधियों और रक्त प्रवाह की सटीक मैपिंग करती हैं, जिससे डॉक्टरों को ट्यूमर और अन्य गंभीर विकृतियों का बेहद शुरुआती चरणों में पता लगाने में मदद मिलती है। इसके शुरू होने से गंभीर मरीजों को आपातकालीन स्थिति में तुरंत सटीक इलाज मिल सकेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

